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फिटनेस

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी : 7000 ने किया समूहिक योग

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस की तैयारी : 7000 ने किया समूहिक योग

अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2024 के लिए 25 दिन शेष बचे हैं और इसेक साथ ही बिहार के बोधगया में एक मेगा योग प्रदर्शन के साथ काउंटडाउन कार्यक्रम का समापन हुआ। इस विशाल कार्यक्रम का आयोजन मगध विश्वविद्यालय, बोधगया, बिहार में किया गया। 27 मई, 2024 को सुर्योदय के साथ शुरू हुए इस आयोजन में 7000 से ज्यादा योग साधकों ने कॉमन योग प्रोटोकॉल (सीवाईपी) का पालन करते हुए योग किया। इस कार्यक्रम में लोगों के उत्साह एवं बहुमूल्य योगदान ने सामान्य जीवन में योग के महत्व को और ज्यादा मजबूत किया। सामूहिक योगाभ्यास का यह कार्यक्रम न केवल व्यक्तिगत बल्कि…
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विशेष : विश्व को भारत की देन है योग… करे निरोग

विशेष : विश्व को भारत की देन है योग… करे निरोग

डॉ. सौरभ मालवीय भारतीय संस्कृति में योग का महत्त्वपूर्ण स्थान है। योग शब्द संस्कृत के युज से बना है। युज का अर्थ है शारीरिक एवं मानसिक शक्तियों को एकत्रित करना। योग साधक को उसकी आत्मा से जोड़ता है। योग के द्वारा साधक अपनी मानसिक एवं शारीरिक शक्तियों को एकत्रित कर लेता है। योग का संबंध शरीर एवं मन दोनों से है। यह अध्यात्म से भी जुड़ा है। योग के आठ अंग हैं- यम, नियम, आसन, प्राणायम, प्रत्याहार, धारणा, ध्यान एवं समाधि। योग एक कला, साधना एवं विद्या है। योग की चार विधियां हैं, जिनमें कर्म योग, भक्ति योग, राज योग…
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75 सालों में बदल गई है बीमारी की परिभाषा

75 सालों में बदल गई है बीमारी की परिभाषा

लेखक डॉ आलोक चांटिया अखिल भारतीय अधिकार संगठन 1948 से संयुक्त राष्ट्र संघ के अनुषांगिक संस्था विश्व स्वास्थ्य संगठन हर वर्ष विश्व स्वास्थ्य दिवस मना रहा है और यह आज की वर्तमान वैश्विक परिस्थिति में जानना अत्यंत आवश्यक है कि आपने 1948 के संविधान में विश्व स्वास्थ्य संगठन ने स्वास्थ्य की जो परिभाषा बीमारी और कमजोरी का अभाव होना ही स्वस्थ होना नहीं है बल्कि मानसिक शारीरिक और सामाजिक आरोग्यता की पूर्णता ही स्वास्थ्य है उस पर विमर्श होना आवश्यक है सिर्फ डॉक्टर और जनसंख्या के बीच का अनुपात दवा वितरण प्रणाली बाजारीकरण में औषधियों का महंगा होना कि केवल…
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यूएन रिपोर्ट : 22 करोड़ भारतीय मोटापे, कुपोषण एनीमिया के शिकार

यूएन रिपोर्ट : 22 करोड़ भारतीय मोटापे, कुपोषण एनीमिया के शिकार

राकेश दुबे स्तंभकार संयक्त राष्ट्र की ‘द स्टेट ऑफ फूड सिक्योरिटी एंड न्यूट्रिशन इन द वर्ल्ड, २०२२’रिपोर्ट’ की रिपोर्ट चौंकाने वाली है। रिपोर्ट के अनुसार 22 करोड़ भारतीय के लिए स्वास्थ्यपरक भोजन उपलब्ध नहीं हो पाता। देश में मुफ्त अनाज योजना के बावजूद भपेट भोजन से लेकर कुपोषण की शिकार बड़ी आबादी चिंता का सबब है। रिपोर्ट साफ-साफ बताती है कि 2021 में भारत की कुल 22.4  करोड़ आबादी को पूर्ण आहार की आवश्यकता है। हालांकि सरकारी आंकड़ों में हालात पहले से बहुत बेहतर हैं। लेकिन इस रिपोर्ट के मुताबिक वैश्विक स्तर पर कुपोषण के शिकार 76 करोड़ लोगों में…
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छात्र- छात्राओं के लिए हैदराबाद में हार्टफुलनेस इंटरनेशनल योग अकादमी

छात्र- छात्राओं के लिए हैदराबाद में हार्टफुलनेस इंटरनेशनल योग अकादमी

केंद्रीय आयुष मंत्री श्री सर्बानंद सोनोवाल ने हैदराबाद में हार्टफुलनेस इंटरनेशनल योग अकादमी की आधारशिला रखी। योग अकादमी में ऐसे योग कक्ष हैं जिसमें से प्रत्येक कक्ष में योग की शिक्षा प्राप्त कर रहे 100 छात्र आ सकते हैं। चिकित्सीय परामर्श के लिए योग कक्ष, प्रत्येक छात्र को अलग से प्रशिक्षण के लिये स्थान या छोटे समूह की कक्षायें; प्रसव पूर्व योग के लिये कक्ष; 200 लोगों की बैठक क्षमता वाला एक व्याख्यान कक्ष; पहले से रिकॉर्ड किये गये स्वास्थ्य से जुड़े कार्यक्रमों के लिये ए़डिटिंग की सुविधा के साथ एक अपने में सम्पूर्ण रिकॉर्डिंग स्टूडियो; योग कक्षाओं के ऑनलाइन…
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आरोग्य भारत : बथुआ साग नहीं एक औषधि है  !

आरोग्य भारत : बथुआ साग नहीं एक औषधि है !

डॉ रजनीश त्यागी सागों का सरदार है बथुआ, सबसे अच्छा आहार है बथुआ ! बथुआ को अंग्रेजी में Lamb's Quarters कहते हैं  ! इसका वैज्ञानिक नाम Chenopodium album है  ! साग और रायता बना कर बथुआ अनादि काल से खाया जाता रहा है ! लेकिन क्या आपको पता है कि विश्व की सबसे पुरानी महल बनाने की पुस्तक शिल्प शास्त्र में लिखा है कि हमारे बुजुर्ग अपने घरों को हरा रंग करने के लिए पलस्तर में बथुआ मिलाते थे ! हमारी बुजुर्ग महिलायें सिर से ढेरे व फाँस (डैंड्रफ) साफ करने के लिए बथुए के पानी से बाल धोया करती…
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फिटनेस : प्रोटीन का खेल

फिटनेस : प्रोटीन का खेल

डॉ सरनजीत सिंह फिटनेस एंड स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट हमारे शरीर को सुचारु रूप से चलाने के लिए हमें करीब चालीस तरह के पोषक तत्वों की ज़रुरत होती है. ये पोषक तत्व हमें भोजन से लेने पड़ते हैं. इन तत्वों को शरीर के लिए ज़रूरी मात्रा के आधार पर दो श्रेणियों में बाँटा जाता है. जिन तत्वों की हमें ज़्यादा मात्रा में ज़रुरत होती है उन्हें ‘मैक्रोन्युट्रिएंट्स’ और जिन तत्वों की हमें कम मात्रा में ज़रुरत होती है उन्हें ‘माइक्रोन्युट्रिएंट्स’ कहते हैं. कार्बोहाइड्रेट्स, फैट, प्रोटीन और पानी मैक्रोन्यूट्रिएंट की श्रेणी में आते हैं और तमाम तरह के विटामिन्स और मिनरल्स माइक्रोन्युट्रिएंट्स…
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फिटनेस : बॉडीबिल्डिंग… ये कैसा स्पोर्ट?

फिटनेस : बॉडीबिल्डिंग… ये कैसा स्पोर्ट?

डॉ सरनजीत सिंह फिटनेस एंड स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट बॉडीबिल्डिंग का मतलब तो हम सभी जानते हैं लेकिन पिछले कुछ सालों में इसके मायने पूरी तरह से बदल चुके हैं. ‘मदर ऑफ़ ऑल स्पोर्ट्स’ कहे जाने वाले इस स्पोर्ट की परिभाषा पूरी तरह से बदल चुकी है. दरअसल ज़्यादातर खेलों में खिलाड़ियों की शक्ति (स्ट्रेंथ), सहनशीलता (एंडुरेंस), लचीलापन (फ्लेक्सिबिलिटी), गति (स्पीड), त्वरण (एक्सेलरेशन) और चपलता (एजिलिटी) बढ़ाने के लिए शरीर की सभी मांस-पेशियों को मज़बूत बनाना बहुत ज़रूरी होता है. इस ट्रेनिंग को ‘बेसलाइन फिटनेस ट्रेनिंग’ कहा जाता है. बेसलाइन फिटनेस विकसित होने के बाद खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहतर करने के…
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मानसिक स्वास्थ्य की गहराती समस्या

मानसिक स्वास्थ्य की गहराती समस्या

अरविंद जयतिलक यह बेहद चिंताजनक है कि कोरोना महामारी के कारण 15 से 24 साल का हर सातवां भारतीय मानसिक अवसाद की समस्या से अभिशप्त है। यह खुलासा बाल अधिकारों के लिए काम करने वाली संयुक्त राष्ट्र की संस्था यूनीसेफ ने किया है। यूनीसेफ ने 21 देशों में 20 हजार बच्चों के बीच सर्वे के आधार रपर यह रिपोर्ट तैयार की है। सर्वे में कहा गया है कि भारत में 15 से 24 साल के किशोरों एवं युवाओं में से केवल 41 फीसद ने मानसिक समस्याओं के लिए सहयोग मानने को सही बताया जबकि पूरी दुनिया में औसतन 83 फीसद…
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मोटापा कम करने के नाम पर ख़रबों की ठगी

मोटापा कम करने के नाम पर ख़रबों की ठगी

डॉ सरनजीत सिंह फिटनेस एंड स्पोर्ट्स मेडिसिन स्पेशलिस्ट आप सभी मेरी इस बात से ज़रूर सहमत होंगे कि किसी भी छोटी-बड़ी समस्या के उचित समाधान के लिए उस विषय पर सटीक जानकारी होना बहुत ज़रूरी होता है. अब अगर समस्या आपके स्वस्थ्य से जुड़ी हो तो ये जानकारी और भी ज़रूरी हो जाती है. आज मोटापा (ओबेसिटी) पूरे विश्व में स्वास्थ से जुड़ी एक बहुत बड़ी समस्या बन चुका है. तमाम मेडिकल रिसर्चेस होने के बावज़ूद आज तक हम इसे किसी दवा से नियंत्रित करने में नाकाम रहे हैं. इस विषय पर सही जानकारी न होने की वज़ह से पिछले…
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