डिजिटल एग्रीकल्चर : जमीन के रिकार्ड, बीज से बाजार तक ऑनलाइन वैल्यू चेन

Union Minister Shri Shivraj Singh Chouhan calls upon the states to achieve 100% saturation in the Digital Agriculture and Pulse Self-Reliance Mission launched under the guidance of Prime Minister Shri Narendra Modi

Aug 23, 2026 - 11:19
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डिजिटल एग्रीकल्चर : जमीन के रिकार्ड, बीज से बाजार तक ऑनलाइन वैल्यू चेन

-          सभी राज्य किसानों के डिजिटल सर्वे को फास्ट-ट्रैक करें : शिवराज सिंह चौहान

 नई दिल्ली : किसानों की आय बढ़ाने के लिए खेत से बाजार तक डिजिटल खेती की कवायद शुरू हो गई है| प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता के अनुरूप यह काफ़ी महत्वपूर्ण कार्य है जिसका उद्देश्य किसानों की आय बढ़ाना, दालों में आत्मनिर्भरता लाना और खेती से जुड़ी सेवाओं को डिजिटल व पारदर्शी बनाकर खेतों तक वास्तविक असर पहुँचाना है। यह जानकारी पूसा में आयोजित राष्ट्रीय सम्मेलन में केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण व ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने दी|

केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि अब समय आ गया है कि योजनाओं का असर सिर्फ रिपोर्टों में नहीं बल्कि खेतों में और किसानों की जेब में दिखे; उन्होंने राज्यों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि आप करेंगे तो जरूर होगा और कहा कि जिन जगहों पर गंभीरता और कौशल से काम हुआ है वहाँ लक्ष्यों को 100% से ऊपर हासिल किया गया जबकि जहाँ कोशिश कम रही वहां परिणाम पीछे रहे, इसलिए उन्होंने राज्यों से पूरी जिम्मेदारी और समयबद्ध कार्रवाई की अपेक्षा रखी। उन्होंने फार्मर आईडी के महत्व पर विशेष जोर दिया और बताया कि फार्मर आईडी बनने के बाद भुगतान सीधे किसान के खाते में जा रहे हैं जिससे भुगतान तेज़ और पारदर्शी हुआ है; महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ के उदाहरण देते हुए केंद्रीय मंत्री श्री चौहान ने कहा कि समय पर भुगतान से बड़े पैमाने पर लाभ देखा गया और केंद्र ने फार्मर आईडी बनवाने और शिविर चलाने के लिए फंड भी उपलब्ध करवाया है, इतना ही नहीं उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी रूप से एक महीने के भीतर आईडी बनना संभव है पर यह तभी होगा जब शिविर ईमानदारी और सही तरीके से चलें और पैसा कार्यक्रम के नाम पर बर्बाद न हो।

लैंड और डिजिटल सर्वे के विषय पर श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि नक्शे जोड़ना और डेटा वेरिफिकेशन मिशन की रीढ़ हैं क्योंकि कई जगह सर्वे से जुड़े तकनीकी कारणों- जैसे कुछ फसलों की बनावट या खेत की स्थिति के कारण डेटा पूरी तरह सटीक नहीं आ रहा, इन मामलों में मैदान पर व्यावहारिक समाधान निकालना होगा ताकि डिजिटल रिकॉर्ड असल जमीन से मेल खाए और योजनाओं का लाभ वास्तविक किसानों तक पहुंचे; उन्होंने अधिकारियों से कहा कि जब सर्वे सही होंगे तभी योजनाओं का असली लाभ दिखाई देगा और जमीन पर परिवर्तन महसूस होगा।

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन की चर्चा में केंद्रीय मंत्री श्री शिवराज सिंह ने यह रेखांकित किया कि दालों के क्षेत्र और उत्पादन में जो वृद्धि पिछले साल कुछ जगहों पर दिखी है, वह सकारात्मक संकेत है और इसे पूरे देश में फैलाया जाना चाहिए ताकि आयात कम हो और किसानों की आमदनी बढ़े; पर उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उत्पादन बढ़ाना अकेले काफी नहीं है- प्रोसेसिंग, भंडारण और मार्केट कनेक्टिविटी का काम भी उतना ही जरूरी है वरना किसान अपनी उपज का पूरा मूल्य नहीं पा सकेगा।

प्रोसेसिंग और मार्केटिंग के मुद्दे पर केंद्रीय कृषि मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने जोर देकर कहा कि बीज से लेकर बाजार तक की पूरी वैल्यू चेन को एक साथ मजबूत करना होगा क्योंकि कई स्थानों पर प्रोसेसिंग की कमी या बाजार तक कनेक्टिविटी न होने से लक्ष्य पूरे नहीं हो रहे; इसलिए उन्होंने शासकीय और निजी भागीदारी के ज़रिये प्रोसेसिंग यूनिट्स, कोल्ड स्टोरेज और मार्केट लिंकिंग को तेज करने का निर्देश दिया ताकि फसल का मूल्य बढ़े और किसान को बेहतर दाम मिले। उन्होंने समय पर इनपुट और भुगतान पर विशेष ध्यान देने की बात दोहराई और कहा कि देरी के कारण बुआई, कटाई और बिक्री पर असर पड़ता है जिससे किसान को नुकसान उठाना पड़ता है; इसी कारण उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समयबद्ध वितरण और भुगतान सुनिश्चित किया जाए और किसी भी प्रकार की अनियमितता पर कड़ी निगरानी रखी जाए।

श्री शिवराज सिंह चौहान ने प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्रतिबद्धता का हवाला देते हुए आश्वासन दिया कि केंद्र और राज्य मिलकर इन मिशनों को सफल बनाएंगे और उन्होंने सभी से ईमानदारी, जवाबदेही और समयपालन का आग्रह करते हुए दोहराया कि यदि सभी गंभीरता से काम करेंगे तो डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन और दलहन आत्मनिर्भरता मिशन न केवल किसानों की आय और सुविधाओं को बढ़ाएंगे बल्कि देश की खाद्य-आत्मनिर्भरता को भी मजबूती देंगे; उन्होंने हर स्तर पर मिलकर किसानों की भलाई के लिए काम करने का आह्वान किया।

इस अवसर पर केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण राज्य मंत्री श्री भागीरथ चौधरी, हरियाणा के कृषि मंत्री श्री श्याम सिंह राणा, असम के मंत्री श्री पियूष हजारिका, अरुणाचल प्रदेश के मंत्री श्री ग्रेबियल डेन्‍वांग बागसू, नागालैंड के मंत्री श्री महात यंथन और केंद्रीय कृषि सचिव श्री अतीश चन्द्रा समेत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

 

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