पाकिस्तान में छह वर्षों तक विपरीत परिस्थितियों रहकर डोभाल ने की राष्ट्र सेवा

Union Home Minister and Minister of Cooperation Shri Amit Shah presents the Lokmanya Tilak National Award 2026 to National Security Advisor Shri Ajit Doval in Pune, Maharashtra

Aug 1, 2026 - 19:57
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पाकिस्तान में छह वर्षों तक विपरीत परिस्थितियों रहकर डोभाल ने की राष्ट्र सेवा

-          केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक नेशनल अवार्ड 2026से सम्मानित किया

-          पीएम मोदी के नेतृत्व में राष्ट्रीय सुरक्षा तंत्र को अधिक सशक्त बनाने में डोभाल की महत्वपूर्ण भूमिका

पुणे : सन 1972 से लेकर आसूचना ब्यूरो के निदेशक बनने तक आईबी के एक सतत ऑफिसर के रूप अजित डोभाल हर चुनौती को हल करने में अपना सक्रिय योगदान दिया। डोभाल ने पूर्वोत्तर, सिक्किम, जम्मू कश्मीर, पंजाब, पाकिस्तान में रहकर एक अद्भुत योगदान देने का काम किया है जिसका चित्रांकन और मूल्यांकन संभव ही नहीं है। विपरीत परिस्थितियों में पाकिस्तान में डोभाल ने छह साल तक और बड़े कठिन  समय में काम किया। उन्होने सबसे लंबे समय तक NSA के पद पर कार्य करके राष्ट्रसेवा और देश की सुरक्षा के प्रति समर्पण का उदाहरण प्रस्तुत किया है| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल का जब इतिहास लिखा जाएगा| देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा की मीमांसा होगी, उसमें अजीत डोभाल के योगदान के बारे में एक स्वर्णिम अध्याय शामिल होगा|

ये वचन केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने आज पुणे, महाराष्ट्र में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार  अजीत डोभाल को लोकमान्य तिलक नेशनल अवार्ड 2026से सम्मानित करते हुए कहा| केन्द्रीय गृह मंत्री ने अण्णाभाऊ साठे जी की जयंती पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। इस अवसर पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री श्री देवेन्द्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री श्री एकनाथ शिंदे और श्रीमती सुनेत्रा पवार और केन्द्रीय सहकारिता राज्यमंत्री श्री मुरलीधर मोहोल सहित अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

अपने संबोधन में केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने कहा कि आज लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक जी की 106वीं पुण्यतिथि है। उन्होंने कहा कि तिलक महाराज ने स्वतंत्रता संग्राम को एक नई दिशा और अर्थ देने के लिए स्वराज मेरा जन्मसिद्ध अधिकार है और मैं इसे लेकर रहूंगामंत्र दिया था। हमारा शासन, भाषा, संस्कृति और हमारा धर्म जब प्रस्थापित होता है, तभी पूर्ण स्वराज की प्राप्ति होती है। तिलक महाराज ने स्वराज और स्वतंत्रता के आंदोलन के साथ जनता को जोड़ने का काम किया। श्री शाह ने कहा कि तिलक महाराज ने स्वतंत्रता आंदोलन में एक नए प्रकार के राष्ट्रवाद, सांस्कृतिक राष्ट्रवाद को जन्म दिया। तिलक महाराज ने भविष्य में देश के चलने की दिशा भी तय कर दी और कहा कि यह देश जब भी आजाद होगा इसी रास्ते पर चलेगा। आज हमारा देश सांस्कृतिक राष्ट्रवाद के रास्ते पर चल पड़ा है।

श्री अमित शाह ने कहा कि तिलक महाराज एक शिक्षक और प्रखर पत्रकार थे। उन्होंने एक बहुत बड़े चिंतक के रूप में भारत की आत्मा की अभिव्यक्ति दुनिया के सामने करने का काम कर करोड़ों लोगों के हृदय के अंदर स्वराज का मंत्र प्रज्ज्वलित किया। एक युग पुरुष, महान शिक्षक, निर्भीक पत्रकार, चिंतक और कर्मयोगी, लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक के समान पूरे स्वतंत्रता संग्राम में कोई नहीं था।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि तिलक महाराज ने हम सबके सामने भगवत गीता का व्यवहार स्वरूप रखने का काम किया। उन्होंने उस जमाने में न्यू इंग्लिश स्कूल, डेक्कन एजुकेशन सोसाइटी और फर्ग्यूसन कॉलेज तक पूरे शिक्षा चक्र की व्यवस्था पुणे में की। तिलक महाराज ने यह मंत्र दिया कि बुद्धि को ज्ञान देना ही शिक्षा का काम है। उन्होंने कहा कि अंग्रेज अगर किसी अखबार से डरते थे तो केसरी और द मराठा से डरते थे। तिलक महाराज ने पहली बार ये प्रस्थापित किया था कि राष्ट्र की चेतना को जगाए बगैर स्वतंत्रता अगर मिलती भी है तो उस स्वतंत्रता का कोई मूल्य नहीं है। तिलक महाराज ने कहा था कि संगठन और जनशक्ति के बिना राष्ट्र शक्ति कभी निर्मित नहीं हो सकती। उन्होंने कई प्रकार के उत्सवों के माध्यम से न केवल महाराष्ट्र बल्कि देशभर की जनता को संगठित करने का काम किया। श्री शाह ने कहा कि आत्मनिर्भरता, अनुशासन, देश और हमारे संविधान के प्रति कर्तव्यभाव भी स्वराज का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि तिलक महाराज का जीवन, कथन और लेखनी आज के युवा और किशोरों के लिए प्रेरणास्त्रोत है।

श्री अमित शाह ने कहा कि आज श्रीमान अजीत डोभाल जी को लोकमान्य तिलक राष्ट्रीय पुरस्कार दिया गया है। उन्होंने कहा कि पुरस्कार कोई तमगा नहीं बल्कि लोगों को प्रेरणा देने और बड़े लोगों के काम को एकनॉलेज करने की एक पद्धति है। कोई व्यक्ति जब समाज के किसी भी क्षेत्र में बहुत बड़ा काम करता है, तब वह व्यक्ति नहीं रह जाता बल्कि बहुत आगे निकल जाता है। समाज का उत्तरदायित्व है कि ऐसे व्यक्तियों का सम्मान करे। उन्होंने कहा कि इससे समाज के कर्तव्य भाव का निर्वहन तो होता ही है साथ ही लोगों को ऐसे व्यक्तित्व की तरह जीने की प्रेरणा भी मिलती है। श्री अजीत डोभाल जी को आज तिलक पुरस्कार मिलना इस देश के लिए जीने वाले और काम करने वाले हर क्षेत्र के नागरिकों के लिए एक बहुत बड़ा प्रेरणास्रोत बनेगा।

केन्द्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री ने कहा कि जब श्री नरेन्द्र मोदी जी गुजरात के मुख्यमंत्री थे तब वहां सीरियल बम धमाके हुए थे और उस वक्त श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कहा था कि न सिर्फ इन बम धमाकों बल्कि इनमें शामिल लोगों और देशभर में जितने बम धमाके हुए हैं, उनकी जांच गुजरात पुलिस को करनी चाहिए। श्री शाह ने कहा कि उस वक्त मोदी जी ने कहा था कि श्री अजीत डोभाल जी को बुलाकर गुजरात पुलिस उनके साथ मिलकर यह जांच करे। उन्होंने कहा कि इसका परिणाम यह था कि न केवल अहमदाबाद बम धमाके बल्कि देशभर में हुए 13 बम धमाकों को एक साथ गुजरात पुलिस ने हल किया।

श्री अमित शाह ने कहा कि जब भी श्री नरेन्द्र मोदी जी के कालखंड का इतिहास लिखा जाएगा और देश की आंतरिक और बाह्य सुरक्षा की मीमांसा होगी, तब श्री अजीत डोभाल जी के योगदान के बारे में निश्चित रूप से एक स्वर्णिम अध्याय उसमें शामिल होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी के नेतृत्व में आज भारत की विदेश नीति बेहद मज़बूत हुई है और हमने सम्मान के साथ दुनिया में अपना स्थान मजबूत किया है। मोदी सरकार की इस उपलब्धि में भी अजीत डोभाल जी का बहुत बड़ा योगदान है।

श्री अमित शाह ने कहा कि मोदी सरकार ने 2019 के बाद Multi Agency Centre (MAC) को मज़बूत करने का काम किया जो आज देश की आंतरिक सुरक्षा की रीढ़ है। उन्होंने कहा कि श्री अजीत डोभाल जी ने ही MAC की एक मजबूत नींव रखने का काम किया। श्री शाह ने कहा कि 2014 में जब श्री नरेन्द्र मोदी जी देश के प्रधानमंत्री बने तब उन्होंने श्री अजीत डोभाल जी को राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार बनाया। श्री डोभाल जी को सबसे लंबे समय तक देश के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रहने का सम्मान भी प्राप्त है।

केन्द्रीय गृह मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जी ने कई दृष्टि से भारत की सेना को आधुनिक बनाने, समसामयिक परिवर्तन करने, सेना के अंदर तकनीक और वीरता की अद्भुत फाइन ट्यूनिंग करने जैसे कई बड़े फैसले श्री अजीत डोभाल जी के कार्यकाल में लिए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी जी के फैसलों के पीछे श्री डोभाल के बहुत लंबे अनुभव वाली सलाह भी होती है। श्री शाह ने कहा कि पिछले 12 साल में प्रधानमंत्री मोदी जी ने भारतीय सेनाओं की सुरक्षा करने और आक्रमण करने की क्षमता में आमूलचूल परिवर्तन करने का काम किया है और इसमें श्री अजीत डोभाल जी का बहुत बड़ा योगदान है।

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