सैन्य क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद
DRDO inks two major contracts with Industry partners as part of AEW&C MK-II programme
- रक्षा अनुसंधान और डीआरडीओ ने उद्योग साझेदारों के साथ ए इ डब्लू एंड सी एमके-II कार्यक्रम के दो प्रमुख अनुबंध किए
नई दिल्ली : सैन्य क्षेत्र में देश को आत्मनिर्भर बनाने की कवायद तेज हो गई है| रक्षा क्षेत्र में शोध और अनुसंधान को बढ़ावा देने के लिए सेंटर फॉर एयर बोर्न सिस्टम्स (CABS), रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) ने एआई इंजीनियरिंग सर्विसेज़ लिमिटेड (AIESL), नई दिल्ली के साथ छह ए-321 विमानो को वाणिज्यिक से हरित परिचालन (ग्रीन कंफीग्रेशन)में परिवर्तित करने के अनुबंध पर हस्ताक्षर किए हैं। आगे चलकर यह एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल एम के 2 (AEW&C) MK‑II कार्यक्रम के विकास और उत्पादन की राह तैयार करेगा।
डीआरडीओ का एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल एम के 2 (AEW&C Mk II )सिस्टम,सेंटर फॉर एयर बोर्न सिस्टम्स ( CABS )को नोडल प्रयोगशाला बनाकर, बेहतर धैर्य , उन्नत हवाई निगरानी, सुरक्षित संचार, बेहतर स्थिति एवं जानकारी क्षमता और सुदृढ़ कमांड व कंट्रोल क्षमताएँ प्रदान करेगा। इससे वायु रक्षा क्षमताओं को महत्वपूर्ण बढ़ावा मिलेगा और विस्तारित दूरी पर खतरों को बेअसर करने में सहायता मिलेगी। उद्योगों की भागीदारी सरकार की आत्मनिर्भरता प्राप्त करने की प्रतिबद्धता को पुनः पुष्टि करती है और देश के भीतर नवाचार, अनुसंधान व निर्माण के लिए एक मजबूत पारिस्थितिकी तंत्र को बढ़ावा देती है।
इसके साथ एक अलग अनुबंध अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज़ (ADSTL), अहमदाबाद के साथ भी किया गया है, जिसके तहत कंपनी को ए इ डब्लू एंड सी एमके-II (AEW&C MK‑II) कार्यक्रम के मिशन सिस्टम के लिए डेवलपमेंट कम प्रोडक्शन पार्टनर (DcPP) के रूप में शामिल किया जाएगा।
ये अनुबंध सेंटर फॉर एयर बोर्न सिस्टम्स (CABS) के निदेशक द्वारा एआईइएसएल (AIESL) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी तथा अडानी डिफेंस सिस्टम्स एंड टेक्नोलॉजीज़ (ADSTL) के हेड‑एरबोर्न प्लेटफ़ॉर्म के साथ नई दिल्ली में 22 जुलाई, 2026 को रक्षा सचिव तथा विभागीय सचिव, रक्षा अनुसंधान व विकास और रक्षा अनुसंधान विकास संगठन (DRDO) के अध्यक्ष श्री राजेश कुमार सिंह की उपस्थिति में हस्ताक्षर किए गए।
सेंटर फोर एयरबोर्न सिस्टम्स,रक्षा अनुसंधान विकास संगठन/(डेवलपमेंट कम प्रोडक्शन पार्टनर/DcPP के रूप में) संशोधित एयरबोर्न अर्ली वॉर्निंग एंड कंट्रोल (AEW&C) MK‑II कार्यक्रम AEW&C MK‑II प्लेटफ़ॉर्म पर मिशन सिस्टम के एकीकरण के लिए जिम्मेदार होगा, जो एयरबस डिफेंस एंड स्पेस (मूल उपकरण निर्माता) द्वारा दिया जाएगा।सेंटर फॉर एयर बोर्न सिस्टम्स (CABS)और ए डी एस टी एल भारतीय वायु सेना के साथ मिलकर AEW&C MK‑II विमान के फ्लाइट परीक्षण भी करेंगे ताकि सेंट्रल फॉर मिलिट्री एरवर्थिनेस एंड सर्टिफिकेशन और महानिदेशक , एयरोनॉटिक्स क्वालिटी अश्योरेंस जैसे हवाई गुणवत्ता प्रदान करने वाली एजेंसियों से प्रमाणन प्राप्त किया जा सके।
What's Your Reaction?