युवाओं के आंदोलन व्यवस्था की नाकामी : संघ
youth protests cannot be considered merely a case of corruption, but reflect broader shortcomings of the system: rss
- जंतर मंतर आंदोलन को लेकर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) का बड़ा बयान
नई दिल्ली : राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने शुक्रवार को कहा कि दिल्ली में जंतर-मंतर पर युवाओं के विरोध-प्रदर्शन को महज भ्रष्टाचार के खिलाफ आंदोलन के तौर पर नहीं देखा जा सकता, बल्कि ये व्यवस्था की “नाकामियों” को भी दर्शाते हैं, जिन्हें दूर करने के लिए सरकार को कदम उठाने चाहिए।
आरएसएस के नेता मुकुंद सीआर ने कहा कि युवाओं की चिंताएं जायज हैं और सरकार तथा समाज को मिलकर सकारात्मक तरीके से इन कमियों को दूर करने की आवश्यकता है।
संघ ने स्पष्ट किया कि यह विरोध-प्रदर्शन केवल किसी एक परीक्षा या भ्रष्टाचार तक सीमित नहीं है, बल्कि यह संपूर्ण व्यवस्था के भीतर मौजूद कमियों को दर्शाता है।
आंध्र प्रदेश के विशाखापत्तनम में शुक्रवार को संपन्न संघ की तीन दिवसीय अखिल भारतीय समन्वय बैठक के बाद आरएसएस नेता सीआर मुकुंद ने एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कि देशभर में व्यवस्थाओं में कुछ कमियां हैं, लेकिन बदलाव व्यवधान या तोड़फोड़ के जरिये नहीं लाया जा सकता।
मुकुंद ने कहा कि बैठक में राष्ट्रीय राजधानी में हाल में हुए युवाओं के विरोध-प्रदर्शनों पर एक बड़ी समस्या के संकेत के तौर पर चर्चा की गई। उन्होंने कहा कि सरकार को उन चिंताओं का समाधान करना चाहिए, जो नीट प्रश्नपत्र लीक जैसे किसी एक मुद्दे से कहीं बढ़कर हैं।
इससे पहले आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत ने भी युवाओं (Gen Z) के गुस्से को स्वाभाविक बताते हुए कहा था कि सरकार को समय रहते संवाद करना चाहिए था क्योंकि बातचीत से ही समाधान निकलता है।
What's Your Reaction?