तेज डीजे के बीच बच्ची की मौत !
Child dies amidst loud DJ music
साउंड वेव से दिल की धड़कन बढ़ना गंभीर चिंता का विषय
बलरामपुर। स्कूल की कक्षा में पढ़ रही सात वर्षीय बच्ची अचानक बेंच पर बेहोश होकर गिर गई। स्कूल प्रशासन उसे अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। स्कूल प्रबंधन के मुताबिक, जिस समय बच्ची बेहोश हुई, उस दौरान स्कूल के बाहर से गणेश विसर्जन का जुलूस गुजर रहा था और उसमें बहुत तेज आवाज में DJ बज रहा था। बताया गया कि DJ की आवाज इतनी तेज थी कि स्कूल की खिड़कियों के शीशे तक हिल रहे थे।
घटना के बाद यह सवाल उठ रहा है कि क्या अत्यधिक तेज आवाज या साउंड वेव किसी व्यक्ति के दिल की धड़कन को प्रभावित कर सकती है। विशेषज्ञों के अनुसार, सामान्य परिस्थितियों में केवल तेज आवाज को सीधे हृदय रुकने का कारण मानना सही नहीं है। हालांकि, बहुत तेज शोर शरीर में तनाव प्रतिक्रिया बढ़ा सकता है और कुछ परिस्थितियों में हृदय गति तथा रक्तचाप पर असर डाल सकता है। पहले से हृदय संबंधी समस्या वाले व्यक्ति में जोखिम अलग हो सकता है।
'साइलेंट ब्लॉकेज' आम बोलचाल में ऐसी कोरोनरी धमनी की रुकावट के लिए इस्तेमाल किया जाता है, जिसके लक्षण लंबे समय तक स्पष्ट रूप से नजर नहीं आते। कई बार व्यक्ति को सीने में दर्द जैसे पारंपरिक लक्षण महसूस नहीं होते, लेकिन हृदय की धमनियों में रुकावट मौजूद रहती है। ऐसी स्थिति में अचानक गंभीर हृदय संबंधी घटना हो सकती है।
हालांकि, इस मामले में बच्ची की मौत की वजह केवल DJ की तेज आवाज थी या कोई अन्य चिकित्सकीय कारण, यह पोस्टमार्टम और मेडिकल जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा। लेकिन यदि DJ की तेज आवाज से बच्चे की मौत का कारण माना जा रहा तो यह सभी के लिए बेहद गंभीर चिंता की बात है।
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