फिर आंदोलन की राह पर दिल्ली
NEET Paper Leak Protest student and former protest
छात्र और किसान दोनों के आंदोलन से केंद्र सरकार पर दबाव
देश की राजधानी यूं तो कई ऐतिहासिक आंदोलन देख चुकी है लेकिन मोदी सरकार में बीते वर्षों में किसान आंदोलन और नागरिकत को लेकर किया गया आन्दोलन लोकतन्त्र की ताकत का अहसास कराने वाला रहा है|
अब एक बार फिर केंद्र की मोदी सरकार के खिलाफ छात्र और किसान आंदोलनरत हैं| छात्र मुख्य रूप से नीट पेपर लीक मामले पर देश के शिक्षा मंत्री का इस्तीफा चाहते हैं| बीते दिन छात्र आंदोलन से जुड़े नेताओं की भाजपा के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय मंत्री जेपी नड़ड़ा से हुई वार्ता भी बेनतीजा रही है| छात्रों के समर्थन में अनशन कर सोनम बांगचूक संसद में मामले को उठाने तक भूख हड़ताल कहत्म करने को तैयार नहीं हैं| फिलहाल उनका अस्पताल से ही अनशन जारी है| बीते दिन छात्रों के संसद कूच के ऐलान के बाद दिल्ली में हुए लाठीचार्ज के बाद विपक्ष सरकार पर हमलावर है| संसद के बाहर और अंदर दोनों ओर हँगामा जारी है|
उधर पंजाब के किसानों ने दिल्ली की ओर कूच कर दिया है| देश बचाओ मोर्चा के सरवन सिंह पंढेर की अगुवाई में किसान शंभू बार्डर पर डट गए हैं| पंढेर ने कहा है कि व्हाइट हाउस कस रिलीज से पता चला है| यूएस इंडिया ट्रेड डील भारत के हित में नहीं है| उन्होने कहा कि केंद्र सरकार ने पूरे मामले में न तो किसानों से बात की, न ही संसद में चर्चा की| पूरे मसले पर किसानों की महापंचायत भी हो रही है| उधर पंजाब- हरियाणा सीमा पर शंभू बार्डर पर बैरीकेडिंग लगाकर रोक दिया गया है| ऐसे में दिल्ली से लेकर शंभू बार्डर तक हँगामा जारी है| पूरे मसले पर सरकार किसान और छात्र दोनों से बात कर रही है| उम्मीद है कि जल्द ही समस्त गतिरोध दूर हो जाएगा|
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