देश भर में 50 स्ट्रीट फूड हब बढ़ाएंगे सांस्कृतिक पर्यटन

Lakhanpur among first towns selected under PM SVANidhi 'Street Food Hub' Plan

Jul 12, 2026 - 11:38
 0  5
देश भर में 50 स्ट्रीट फूड हब बढ़ाएंगे सांस्कृतिक पर्यटन

-          पीएम स्वनिधि 'स्ट्रीट फूड हब' योजना के तहत पहले चरण में चयनित लखनपुर

-          डॉ. जितेंद्र सिंह ने जम्मू-कश्मीर को प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री को धन्यवाद दिया

-          तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और स्थानीय विक्रेताओं को समान रूप से लाभ होगा

जम्मू कश्मीर :  देशभर के 106 शहरों में पर्यटन और सांस्कृतिक- धार्मिक गतिविधियों के साथ स्थानीय खान- पान यानि स्वाद भरे व्यंजनों को जोड़ा जाएगा| इसी कवायद में पीएम स्वनिधि पहल के तहत कठुआ जिले के लखनपुर में "स्ट्रीट फूड हब" स्थापित करने की मंजूरी भारत सरकार ने दी है|

यह जानकारी देते हुए केंद्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, पृथ्वी विज्ञान राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और प्रधानमंत्री कार्यालय, कार्मिक, लोक शिकायत और पेंशन, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष विभाग राज्य मंत्री डॉ. जितेंद्र सिंह ने आज आभार जताया| जम्मू-कश्मीर के विकास को प्राथमिकता देने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का धन्यवाद करते हुए डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि लखनपुर को पहले चरण में मंजूरी प्राप्त कस्बों में शामिल करना, केंद्र सरकार की उस निरंतर प्रतिबद्धता को दर्शाता है जिसके तहत वह इस केंद्र-शासित प्रदेश में बुनियादी ढांचे, पर्यटन और आजीविका को मज़बूत करने का काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यह मंजूरी ऐसे समय में और भी महत्वपूर्ण हो जाती है जब श्री अमरनाथ जी यात्रा में तीर्थयात्रियों की भारी भीड़ है; यह नई सुविधा लखनपुर के रास्ते जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने वाले तीर्थयात्रियों, पर्यटकों और अन्य यात्रियों के लिए सेवाओं को और बेहतर बनाएगी।

स्ट्रीट फूड हब पहल का उद्देश्य ऐसे व्यवस्थित, स्वच्छ और विश्व-स्तरीय वेंडिंग स्थान विकसित करना है, जो भारत की विविध खान-पान संस्कृति को बढ़ावा दें और स्ट्रीट वेंडर्स के लिए सम्मानजनक और टिकाऊ रोज़गार के अवसर भी पैदा करें। इस पहल का उद्देश्य प्रमुख पर्यटन स्थलों को शानदार फूड स्ट्रीट्स में बदलना है, जहां आने वाले लोग सुरक्षित और सुव्यवस्थित परिवेश में शुद्ध स्थानीय खाने का मज़ा ले सकें।

पीएम स्वनिधि के तहत, आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय ने देश भर में 50 स्ट्रीट फूड हब स्थापित करने का प्रस्ताव दिया है। उन शहरों और कस्बों को प्राथमिकता दी जा रही है जिनमें पर्यटन की अधिक संभावनाएं हैं, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक महत्व है और स्थानीय खान-पान की खास परंपराएं हैं। साथ ही, स्वदेश दर्शन, प्रसाद, यूनेस्को की विश्व धरोहर स्थलों और यूनेस्को क्रिएटिव शहरों जैसी पहलों के साथ तालमेल बिठाने वाले शहरों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।

प्रत्येक स्वीकृत परियोजना को 4 करोड़ रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी, जो तीन किस्तों- पहली किस्त के रूप में 30 प्रतिशत, दूसरी किस्त के रूप में 50 प्रतिशत और बाकी 20 प्रतिशत काम पूरा होने के बाद- में दी जाएगी। इसके अलावा, जिन शहरों ने अपनी स्ट्रीट वेंडिंग योजना को अधिसूचित किया है, उन्हें 25 लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी।

यह पहल आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय के तहत 'शहरी नियोजन के लिए उत्कृष्टता केंद्रों' और 'अमृत-वित्तपोषित नियोजन केंद्रों' के माध्यम से तकनीकी सहायता भी प्रदान करती है, जिससे राज्य और शहरी स्थानीय निकाय कुशलतापूर्वक परियोजना तैयार और क्रियान्वित कर सकें। इसमें आवासन एवं शहरी कार्य मंत्रालय, पर्यटन मंत्रालय और भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) के बीच सक्रिय समन्वय के साथ संपूर्ण सरकार वाले दृष्टिकोण को अपनाया जाता है।

मंत्रालय को 32 राज्यों और केंद्र-शासित प्रदेशों से 126 प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिनमें 106 शहरी स्थानीय निकाय और सात सेन्सस टाउन शामिल थे। लखनपुर में प्रस्तावित स्ट्रीट फूड हब को लखनपुर मार्केट के दो क्लस्टर में विकसित किया जाएगाएक पुराने बस स्टैंड के पास और दूसरा सेल्स टैक्स ऑफ़िस के पास। पठानकोट से जम्मू-कश्मीर में प्रवेश करने के मुख्य रास्ते और श्री माता वैष्णो देवी जाने वाले मार्ग पर स्थित होने के कारण, यहां दिन भर पर्यटकों, तीर्थयात्रियों और यात्रा करने वाले लोगों की काफी आवाजाही रहती है। 1,754.25 वर्ग मीटर में फैला यह हब आधुनिक वेंडिंग सुविधाएं देगा और साथ ही स्वच्छ, व्यवस्थित और आगंतुक-अनुकूल माहौल में डोगरा व्यंजनों और स्थानीय खान-पान की परंपराओं को बढ़ावा देगा।

इस परियोजना से लखनपुर के एक ट्रांज़िट पॉइंट से बदलकर एक शानदार फूड डेस्टिनेशन बनने की उम्मीद है, जो इस क्षेत्र की समृद्ध खान-पान की विरासत को प्रदर्शित करेगा। इससे न सिर्फ़ आगंतुकों का अनुभव बेहतर होगा, बल्कि स्थानीय स्ट्रीट वेंडर्स के लिए रोजगार के बेहतर अवसर  भी पैदा होंगे, उद्यमित को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही जम्मू-कश्मीर आने वाले तीर्थयात्रियों और पर्यटकों को स्थानीय खाने से जोड़कर टूरिज़्म की इकॉनमी मज़बूत होगी।

What's Your Reaction?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow