87 देशों के 381 छात्रों में भारतीय विद्यार्थी नंबर एक

India’s Golden Sweep at the 56th International Physics Olympiad 2026 held at Bucaramanga, Colombia

Jul 13, 2026 - 10:38
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87 देशों के 381 छात्रों में भारतीय विद्यार्थी नंबर एक

-          कोलंबिया में आयोजित 56वें अंतर्राष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड 2026 में  शानदार जीत

-          भौतिकी ओलंपियाड 2026 में सभी पांच भारतीय छात्रों ने स्वर्ण पदक जीते

कोलंबिया : बुकारामांगा में आयोजित 56वें अंतर्राष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड 2026 में भारतीय टीम के सभी पांच सदस्यों ने स्वर्ण पदक जीतकर देश को गौरवान्वित किया है।इस शानदार प्रदर्शन के साथ, भारत ने 87 देशों के 381 छात्रों के बीच चीन, कज़ाकिस्तान, रूस, दक्षिण कोरिया और ताइवान के साथ संयुक्त रूप से विश्व में पहला स्थान हासिल किया, जो अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर विज्ञान शिक्षा और उत्कृष्टता में देश की बढ़ती प्रतिष्ठा को दर्शाता है।

पदक जीतने वाले भारतीय छात्र:

कनिष्क जैन- पुणे, महाराष्ट्र

रिद्धेश अनंत बेंडाले- इंदौर, मध्य प्रदेश

ऋषित गर्ग- द्वारका, नई दिल्ली

श्रेष्ठ सुरैया- मुंबई, महाराष्ट्र

स्वरित जोशी- अहमदाबाद, गुजरात

इस शानदार उपलब्धि ने अंतर्राष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड में भारत की गौरवशाली विरासत को बनाए रखा है, क्योंकि पिछले एक दशक में हर भारतीय प्रतिभागी ने पोडियम फिनिश में जगह बनाई है।

यह उपलब्धि भारत के ओलंपियाड कार्यक्रम की शक्ति को दिखाती है, जिसका नेतृत्व होमी भाभा सेंटर फ़ॉर साइंस एजुकेशन (एचबीसीएसई) करता है। एचबीसीएसई, टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ़ फ़ंडामेंटल रिसर्च (टीआईएफआर) का एक राष्ट्रीय केंद्र है और परमाणु ऊर्जा विभाग (डीएई) के तहत एक सहायता प्राप्त संस्थान है। भारत में ओलंपियाड कार्यक्रम के नोडल सेंटर के तौर पर, एचबीसीएसई देश को अंतर्राष्ट्रीय ओलंपियाड समुदाय से जोड़ता है। यह संस्थान प्री-यूनिवर्सिटी छात्रों में विज्ञान और गणित की असाधारण प्रतिभा की पहचान करने, उसे निखारने और उनका मार्गदर्शन करने के लिए समर्पित है। इसके लिए एक कठोर बहु-चरण चयन प्रक्रिया, ओरिएंटेशन कैंप और व्यापक ट्रेनिंग प्रोग्राम का इस्तेमाल किया जाता है।

परमाणु ऊर्जा विभाग के सचिव और परमाणु ऊर्जा आयोग के अध्यक्ष डॉ. अजीत कुमार मोहंती ने पदक विजेताओं को बधाई दी और कहा, "हमारे युवा भौतिकविदों की यह शानदार उपलब्धि देश के लिए बहुत गर्व की बात है। अंतर्राष्ट्रीय भौतिकी ओलंपियाड में पांच स्वर्ण पदक जीतना और संयुक्त रूप से विश्व में पहला स्थान हासिल करना, हमारे छात्रों की प्रतिभा, समर्पण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ-साथ एचबीसीएसई-टीआईएफआर ओलंपियाड कार्यक्रम की दृढ़ प्रतिबद्धता का प्रमाण है। मैं इस शानदार उपलब्धि के लिए छात्रों, उनके माता-पिता, शिक्षकों और मेंटर्स को बधाई देता हूं। उनकी सफलता अनेक युवा प्रतिभाओं को विज्ञान के क्षेत्र में उत्कृष्टता हासिल करने के लिए प्रेरित करती है तथा वैज्ञानिक शिक्षा और नवाचार में भारत के बढ़ते नेतृत्व को मज़बूत करती है।"

परमाणु ऊर्जा विभाग, टीम लीडर प्रो. अन्वेश मजूमदार (एचबीसीएसई-टीआईएफआर) और डॉ. लीना जोशी (सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई), साइंटिफिक ऑब्जर्वर प्रो. आनंद दासगुप्ता (आईआईएसईआर, कोलकाता) और सुश्री निशा केलकर (गोगटे-जोगलेकर कॉलेज, रत्नागिरी), और एचबीसीएसई की भौतिकी ओलंपियाड टीम और मेंटर पूल को भी बधाई देता है। इन सभी ने भारत की सबसे होनहार युवा प्रतिभाओं को वैश्विक मंच के लिए तैयार करने में अटूट समर्पण दिखाया है।

एचबीसीएसई के केंद्र निदेशक प्रो. अर्नब भट्टाचार्य ने बताया कि साइंस और मैथेमैटिक्स ओलंपियाड में टीम इंडिया की अब आम हो चुकी उपलब्धियां, दशकों की मेहनत और मेंटरिंग का परिणाम हैं। हालांकि असाधारण रूप से प्रतिभाशाली छात्र और जुनूनी व धैर्यवान मेंटर हमेशा से रहे हैं, लेकिन टीम इंडिया आज जिस मुकाम पर पहुंची है, वह कई दशकों से परमाणु ऊर्जा विभाग से मिले भरपूर सहयोग की वजह से ही संभव हो पाया है।

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