नोएडा के शांति कुमार स्याल को मिला तिरुवन्नतपुरम में राष्ट्रीय सम्मान
तिरुवनंतपुरम: गोपाल किरण समाजसेवी संस्था (GKSSS) द्वारा एसआरएम विश्वविद्यालय, दिल्ली-एनसीआर, इंटरनेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ माइग्रेशन एंड डेवलपमेंट (IIMAD), गुलाटी इंस्टीट्यूट ऑफ फाइनेंस एंड टैक्सेशन (GIFT) तथा भारतीय सामाजिक विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICSSR), नई दिल्ली के सहयोग से तिरुवनंतपुरम स्थित GIFT परिसर में 22वीं राष्ट्रीय एक दिवसीय कार्यशाला एवं राष्ट्रीय सम्मान समारोह का गरिमामय आयोजन किया गया।
“प्रवासी भारतीयों के सीमा-पार पारिवारिक विवाद : चुनौतियाँ, समाधान एवं विधिक सुधार” विषय पर आयोजित इस राष्ट्रीय कार्यशाला में देश के विभिन्न राज्यों से आए शिक्षाविदों, विधि विशेषज्ञों, साहित्यकारों, शोधकर्ताओं एवं समाजसेवियों ने भाग लिया। कार्यक्रम में प्रवासी भारतीय परिवारों से जुड़े कानूनी, सामाजिक, मनोवैज्ञानिक एवं नीतिगत मुद्दों पर गंभीर विमर्श हुआ।
कार्यक्रम का शुभारंभ प्रो. (डॉ.) संदीप कुलश्रेष्ठ द्वारा ICSSR के मेजर रिसर्च प्रोजेक्ट के परिचय से हुआ. कार्यशाला के प्रथम तकनीकी सत्र “Family Fragmentation and Transnational Relationship” की अध्यक्षता नोएडा के वरिष्ठ साहित्यकार श्री शांति कुमार स्याल ने की। उन्होंने प्रवासी भारतीय परिवारों में बढ़ते विखंडन, तलाक, अलगाव तथा उनके सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रभावों पर विस्तार से विचार व्यक्त किए।
द्वितीय तकनीकी सत्र “Women, Children and Elderly in Diaspora Families” जिसमें महिलाओं, बच्चों एवं वरिष्ठ नागरिकों पर लंबे समय तक अलगाव के सामाजिक एवं मनोवैज्ञानिक प्रभावों पर चर्चा हुई।
तृतीय तकनीकी सत्र “Transnational Family Disputes and Legal Responses” राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय विधिक प्रावधानों तथा उनके व्यावहारिक पक्षों पर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की।
चतुर्थ तकनीकी सत्र “Cross Border Marriage, Child Custody and Parental Abduction” में अंतरराष्ट्रीय विवाह, बाल अभिरक्षा तथा अभिभावकीय अपहरण जैसे जटिल विषयों पर विशेषज्ञों ने अपने विचार रखे।
पंचम तकनीकी सत्र “Dual Citizenship, OCI and the Future of Private International Law in India” में दोहरी नागरिकता, OCI तथा भारत में निजी अंतरराष्ट्रीय विधि के भविष्य पर सार्थक चर्चा हुई।
राष्ट्रीय सम्मान समारोह में शिक्षा, साहित्य, समाजसेवा, शोध एवं जनसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले देश के विभिन्न राज्यों से चयनित 51 विशिष्ट शिक्षाविदों, साहित्यकारों, समाजसेवियों एवं सामाजिक विभूतियों में नोएडा के वरिष्ठ साहित्यकार शांति कुमार स्याल को राष्ट्रीय सम्मान प्रदान किया गया. उल्लेखनीय है कि हिमाचल के जिला ऊना गांव पंडोगा में जन्मे स्याल को साहित्य क्षेत्र में सात दर्जन से अधिक राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्माननित किया जा चुका है. उनकी अभी तक 53 पुस्तकें प्रकाशित हो चुकी हैं कुछ प्रकशनाधीन है|

