उत्तर प्रदेश में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ -      

Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath launched the Bharat Taxi service in the state

Sep 23, 2026 - 18:56
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उत्तर प्रदेश में ‘भारत टैक्सी’ सेवा का शुभारंभ  -      

    लखनऊ के साथ गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भी सेवा की शुरुआत

-          सीएम योगी ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजनापोर्टल , उर्वरक सेतु मोबाइल ऐप और उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के UPCDC मोबाइल ऐप का शुभारंभ किया

-          सहकारिता मंत्रालय ने पिछले पांच वर्षों में 160 से अधिक नई पहलें शुरू की हैं: श्री मोहोल

लखनऊ : उत्तर प्रदेश में लगभग 54 लाख नए सहकारी सदस्यों को रोजगार से जोड़ने के लिए भारत टैक्सीका  शुभारंभ किया गया। लखनऊ के साथ ही गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज में भारत टैक्सी सेवा यातायात की नई इबारत लिखने को तैयार हैं|  इस अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ ने मुख्यमंत्री कृषक समृद्धि योजनापोर्टल का शुभारंभ किया। इसके साथ ही उत्तर प्रदेश के सहकारिता विभाग द्वारा विकसित उर्वरक सेतुमोबाइल ऐप और उत्तर प्रदेश को-ऑपरेटिव डेटाबेस सेंटर के UPCDC मोबाइल ऐप का भी शुभारंभ किया गया। भारत टैक्सी के संस्थागत विस्तार को और मजबूत करते हुए इस अवसर पर एयरपोर्ट अथॉरिटी, लखनऊ मेट्रो रेल तथा लखनऊ पुलिस ने भारत टैक्सी के साथ समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया।

मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश की विकास यात्रा की सराहना करते हुए श्री मोहोल ने राज्य में कानून-व्यवस्था, आधारभूत संरचना, जनकल्याण और सहकारिता सहित अनेक क्षेत्रों में हो रही तेज प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश में सहकारिता का एक मजबूत सामाजिक और आर्थिक आधार रहा है। गांव की चौपाल से लेकर खेत-खलिहान तक मिलकर आगे बढ़ने की परंपरा यहां के सामाजिक जीवन का हिस्सा रही है और सहकारिता इसी भावना का आधुनिक संस्थागत स्वरूप है। उत्तर प्रदेश के सहकारिता मंत्री श्री जे.पी.एस. राठौर के नेतृत्व में राज्य में किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा करते हुए उन्होंने बताया कि आज उत्तर प्रदेश में लगभग 42 हजार सहकारी समितियां कार्यरत हैं। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा वर्ष 2025 को सहकारिता महाकुंभके रूप में मनाए जाने और सहकारिता को गांव-गांव तक विस्तार देने के लिए चलाए गए व्यापक अभियान की भी सराहना की।

कार्यक्रम में केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री श्री मुरलीधर मोहोल उपमुख्यमंत्री श्री ब्रजेश पाठक, कृषि मंत्री श्री सूर्य प्रताप शाही, सहकारिता मंत्री श्री जे.पी.एस. राठौर, परिवहन मंत्री श्री दयाशंकर सिंह, उत्तर प्रदेश सहकारी ग्राम विकास बैंक के सभापति श्री विवेक सिंह तोमर, सहकारिता मंत्रालय के अपर सचिव श्री पंकज बंसल, मुख्यमंत्री के सलाहकार, उत्तर प्रदेश सरकार के वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि तथा बड़ी संख्या में भारत टैक्सी के सारथी उपस्थित थे।

जुलाई 2021 में स्वतंत्र सहकारिता मंत्रालय की स्थापना का उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के इस ऐतिहासिक निर्णय ने देश के सहकारिता आंदोलन को नई दिशा और नई गति प्रदान की। केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह के नेतृत्व में पिछले पांच वर्षों के दौरान सहकारिता मंत्रालय ने 160 से अधिक नई पहलें शुरू की हैं, जिनका उद्देश्य सहकारी संस्थाओं को अधिक मजबूत, पारदर्शी, आधुनिक और आर्थिक रूप से सक्षम बनाना है। सहकारिता आंदोलन की व्यापकता का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि आज देश में लगभग 8.5 लाख सहकारी समितियां कार्यरत हैं और करीब 32 करोड़ सदस्य इससे जुड़े हुए हैं। सहकारिता क्षेत्र आज लगभग 30 विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय भूमिका निभा रहा है।

जमीनी स्तर की सहकारी संस्थाओं के तकनीकी रूपांतरण पर प्रकाश डालते हुए श्री मोहोल ने कहा कि देशभर में लगभग 3,000 करोड़ रुपये की लागत से करीब 80 हजार प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के कम्प्यूटरीकरण का कार्य जारी है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पैक्स की भूमिका अब केवल कृषि ऋण, कृषि इनपुट, चीनी और दुग्ध व्यवसाय तक सीमित नहीं रह गई है। आज पैक्स को अन्न भंडारण, बीमा, जैविक उत्पाद, स्वदेशी बीज, कॉमन सर्विस सेंटर, प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्र, जन औषधि केंद्र तथा पेट्रोल-डीजल वितरण जैसे अनेक नए क्षेत्रों से जोड़ा जा रहा है। पैक्स के मॉडल उपविधियों में किए गए बदलाव ने इनके कार्यक्षेत्र को और व्यापक बनाया है, जिसके परिणामस्वरूप पैक्स अब 25 से अधिक प्रकार की आर्थिक गतिविधियां कर सकते हैं और गांव स्तर पर रोजगार, सेवाओं तथा आय के नए अवसर सृजित हो रहे हैं।

प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के सहकार से समृद्धिके संकल्प के अनुरूप बीज से बाजार तकपूरी मूल्य श्रृंखला को सहकारिता के दायरे में लाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री ने नई राष्ट्रीय बहु-राज्यीय सहकारी समितियों की स्थापना को महत्वपूर्ण कदम बताया। इनमें गुणवत्तापूर्ण बीज के लिए भारतीय बीज सहकारी समिति लिमिटेड (BBSSL), जैविक उत्पादों को बढ़ावा देने के लिए राष्ट्रीय सहकारी ऑर्गेनिक्स लिमिटेड (NCOL) और सहकारी उत्पादों के निर्यात को प्रोत्साहित करने के लिए राष्ट्रीय सहकारी निर्यात लिमिटेड (NCEL) शामिल हैं। इन तीनों संस्थाओं से देश की लगभग 70 हजार सहकारी समितियां जुड़ चुकी हैं, जिससे किसानों और सहकारी संस्थाओं को सीधा लाभ मिल रहा है।

मोबिलिटी क्षेत्र में सहकारिता के विस्तार का उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने भारत टैक्सी को एक महत्वपूर्ण और नई सहकारी पहल बताया, जिसका मूलमंत्र है—“Driver is the Owner”। इस मॉडल के महत्व को समझाते हुए उन्होंने कहा कि भारत टैक्सी में ड्राइवर केवल सेवा प्रदाता नहीं, बल्कि सहकारी व्यवस्था का भागीदार और मालिक भी है। पारंपरिक एग्रीगेटर मॉडल में जहां ड्राइवरों को अपनी कमाई का एक हिस्सा कमीशन के रूप में देना पड़ता है, वहीं भारत टैक्सी का उद्देश्य कमाई का अधिकतम लाभ सीधे सारथियों तक पहुंचाना है। सेवा से प्राप्त राशि सीधे सारथियों के खातों में पहुंचती है और सहकारी मॉडल उन्हें स्वामित्व के साथ-साथ निर्णय प्रक्रिया में भी भागीदारी प्रदान करता है। फरवरी 2026 में शुरू हुई इस पहल की तेज प्रगति का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि केवल छह महीनों में 10 लाख से अधिक सारथी भारत टैक्सी से जुड़ चुके हैं और इसके माध्यम से प्रतिदिन लगभग 20 हजार राइड्स हो रही हैं। लगभग 40 लाख यात्री भी इस सेवा से जुड़ चुके हैं और पिछले छह महीनों में 100 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सारथियों के खातों में पहुंची है। भारत टैक्सी वर्तमान में दिल्ली, गुजरात, मुंबई, जयपुर और चंडीगढ़ सहित देश के विभिन्न हिस्सों में संचालित हो रही है और आज लखनऊ, गोरखपुर, वाराणसी, कानपुर और प्रयागराज के जुड़ने से उत्तर प्रदेश में इसका विस्तार और मजबूत हुआ है। इन पांच शहरों में अब तक लगभग 40 हजार सारथी भाई-बहनों का पंजीकरण हो चुका है और वे शीघ्र ही यात्रियों को अपनी सेवाएं प्रदान करेंगे।

एम-पैक्स सदस्यता अभियान की सफलता का विशेष उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने कहा कि उत्तर प्रदेश में इस अभियान के तहत 54 लाख से अधिक नए सदस्य बनाए गए, जिनमें लगभग 17.5 लाख किसान शामिल हैं। इसे देश के सहकारिता क्षेत्र के लिए एक उल्लेखनीय उदाहरण बताते हुए उन्होंने स्मरण कराया कि केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने भी उत्तर प्रदेश के सदस्यता अभियान की सराहना की है और इसे अन्य राज्यों में अपनाए जाने योग्य मॉडल के रूप में देखा गया है। इस सदस्यता अभियान से सहकारी क्षेत्र को लगभग 75 करोड़ रुपये का योगदान भी प्राप्त हुआ है।

पैक्स कम्प्यूटरीकरण के क्षेत्र में उत्तर प्रदेश की प्रगति को रेखांकित करते हुए केंद्रीय सहकारिता राज्य मंत्री ने कहा कि राज्य में लगभग 6,300 पैक्स का तीन चरणों में कम्प्यूटरीकरण किया जा रहा है। इसके अतिरिक्त लगभग 750 कृषि एवं ग्रामीण सहकारी बैंक इकाइयों के कम्प्यूटरीकरण की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। सहकारी नेटवर्क के विस्तार ने भी तेजी पकड़ी है। अप्रैल 2026 से अब तक 1,200 से अधिक नई एम-पैक्स, डेयरी, मत्स्य एवं अन्य सहकारी समितियों का गठन किया गया है, जिनसे लगभग एक लाख नए सदस्य जुड़े हैं। इसके साथ ही पहले से कार्यरत सहकारी समितियों में करीब 22 लाख नए सदस्य भी जोड़े गए हैं।

पैक्स को बहुउद्देशीय ग्रामीण सेवा संस्थाओं के रूप में विकसित किए जाने की प्रगति का उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने कहा कि वर्तमान में उत्तर प्रदेश में पैक्स के माध्यम से लगभग 5,200 कॉमन सर्विस सेंटर संचालित हो रहे हैं। लगभग 7,000 एम-पैक्स प्रधानमंत्री किसान समृद्धि केंद्रों के रूप में कार्य कर रहे हैं, जबकि 161 एम-पैक्स प्रधानमंत्री भारतीय जन औषधि केंद्रों के रूप में सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

राज्य में सहकारी बैंकिंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने की दिशा में हुई प्रगति का उल्लेख करते हुए श्री मोहोल ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में लगभग 307 करोड़ रुपये की सहायता से 16 जिला सहकारी बैंकों को पुनर्जीवित किया गया है, जो उत्तर प्रदेश के सहकारिता क्षेत्र की महत्वपूर्ण उपलब्धि है। उन्होंने उत्तर प्रदेश राज्य सहकारी बैंक की उपलब्धि का भी उल्लेख किया, जो आधार कार्ड जारी करने और अपडेट करने के लिए अधिकृत होने वाला देश का पहला सहकारी बैंक बना है। इसके साथ ही सहकारिता क्षेत्र में अध्ययन, प्रशिक्षण और शिक्षण को बढ़ावा देने के लिए उत्तर प्रदेश में एक सहकारी महाविद्यालय की स्थापना की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है।

इन सभी पहलों के व्यापक उद्देश्य को रेखांकित करते हुए श्री मुरलीधर मोहोल ने कहा कि सहकारिता आम आदमी को आत्मनिर्भर बनाने और उसके परिश्रम को सम्मान दिलाने का एक सशक्त माध्यम है। मोबिलिटी जैसे नए क्षेत्रों में सहकारिता मॉडल का विस्तार सहकारिता आंदोलन के बढ़ते दायरे को दर्शाता है और भारत टैक्सी इस दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।

भविष्य की दिशा को लेकर विश्वास व्यक्त करते हुए श्री मोहोल ने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार और मुख्यमंत्री श्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार के प्रयासों से आने वाले समय में सहकार से समृद्धिके संकल्प को साकार करने के लिए सहकारिता आंदोलन का विस्तार और अधिक गति से होगा। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के विकसित भारत @2047के संकल्प को साकार करने में सहकारिता क्षेत्र की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी और देश के करोड़ों किसानों, श्रमिकों, युवाओं, महिलाओं तथा छोटे उद्यमियों को सहकारिता के माध्यम से विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के प्रयास निरंतर आगे बढ़ाए जाएंगे।

 

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