वज्र 2.0:  अवैध दवाओं का इन्टरनेशनल गिरोह, 66.80 लाख गोलियां जब्त

CBN seizes 66.80 lakh psychotropic tablets in major inter-state pharmaceutical diversion case under Operation Vajra 2.0; one arrested

Aug 29, 2026 - 19:33
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वज्र 2.0:  अवैध दवाओं का इन्टरनेशनल गिरोह, 66.80 लाख गोलियां जब्त

नई दिल्ली : शारीरिक और मानसिक दवाओं के अवैध हेरफेर और तस्करी के खिलाफ इन्टरनेशनल गिरोह का पर्दाफाश हुआ| केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो ने 66,79,980 मनोदैहिक दवाओं की एक बड़ी खेप जब्त की|

पंजाब-हिमाचल प्रदेश गलियारे के साथ मनोदैहिक संबंधी दवाओं की एक बड़ी अवैध खेप की आवाजाही के संबंध में विशिष्ट खुफिया जानकारी पर कार्रवाई करते हुए, सीबीएन एमपी यूनिट की एक विशेष निवारक टीम ने ऑपरेशन वज्र 2.0 के तहत 27-28 अगस्त 2026 को चंडीगढ़-बद्दी अंतरराज्यीय मार्ग पर निरंतर निगरानी रखी और रणनीतिक रूप से अपनी स्थिति मजबूत की।

इस अभियान के परिणामस्वरूप, अल्प्राज़ोलम, ट्रामाडोल, नाइट्रज़ेपम और क्लोनाज़ेपम सहित मनोदैहिक दवाओं की एक बड़ी खेप जब्त की गई, जिसे आवश्यक वैधानिक दस्तावेज़ों के बिना ले जाया जा रहा था। एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है और एक एसएमएल इसुज़ू सरताज ट्रक जब्त किया गया है।

रात भर निगरानी रखने के बाद, 27.08.2026 को, टीम ने उत्तर प्रदेश पंजीकरण वाले एक संदिग्ध एसएमएल इसुजु सरताज ट्रक को रोका और विस्तृत तलाशी के लिए उसे एक सुरक्षित स्थान पर ले गई।

माल की एक-एक करके गहन जांच करने पर 120 बड़े कार्टन मिले जिनमें नियंत्रित मनोदैहिक पदार्थ थे। खेप में अल्प्राज़ोलम, ट्रामाडोल, नाइट्राज़ेपाम और क्लोनाज़ेपाम की गोलियां थीं, गोलियों की कुल संख्‍या 66,79,980 थी।

प्रारंभिक जांच में अवैध आपूर्ति श्रृंखला को छिपाने और नियामक निगरानी से बचने के लिए कई सुनियोजित उपाय सामने आए। बड़ी मात्रा में ब्लिस्टर स्ट्रिप्स और डिब्बों से बैच नंबर, निर्माण तिथि और समाप्ति तिथि मिटा दी गई थी ।

इसके अलावा, " पंजाब हरियाणा राज्य में बिक्री के लिए नहीं " अंकित बड़ी मात्रा में दवाएं वैध सहायक दस्तावेजों जैसे कि चालान, बिल्‍टी या ई-वे बिल के बिना क्षेत्र में ले जाई जा रही थीं।

विस्तृत सूची तैयार करने, जांच करने और सील करने की कार्यवाही रात भर 14 घंटे से अधिक समय तक चली। 66,79,980 मनोदैहिक गोलियों की पूरी खेप, परिवहन के लिए इस्तेमाल किए गए एसएमएल इसुजु सरताज ट्रक सहित, मादक औषधि एवं मनोरोगी पदार्थ (एनडीपीएस) अधिनियम, 1985 के संबंधित प्रावधानों के तहत जब्त कर ली गई।

एनडीपीएस अधिनियम, 1985 की संबंधित धाराओं के तहत एक संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया है।

इस बड़े अंतरराज्यीय दवा अवैध मार्गातरण रैकेट में शामिल ऊपरी स्‍तर के विनिर्माण और आपूर्ति चैनलों तथा निचले स्‍तर के वितरण नेटवर्क की पहचान करने और उसे नष्ट करने के लिए गहन जांच चल रही है। इस जांच में इन मनोदैहिक दवाओं की अवैध तस्करी और हेराफेरी से जुड़े अन्य व्यक्तियों और संस्थाओं की पहचान करने का भी प्रयास किया जाएगा।

केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) "नशीली दवाओं के सुरक्षित उपयोग" और "नशा मुक्त भारत अभियान (एनएमबीए)" के दृष्टिकोण के प्रति दृढ़ता से प्रतिबद्ध है और मादक दवाओं और मनोदैहिक पदार्थों की अवैध तस्करी और हेराफेरी के खिलाफ खुफिया जानकारी पर आधारित प्रवर्तन कार्रवाई जारी रखे हुए है।

चालू कैलेंडर वर्ष 2026 के दौरान, केंद्रीय नारकोटिक्स ब्यूरो (सीबीएन) ने अवैध मादक पदार्थों के नेटवर्क में शामिल 197 मामलों को सफलतापूर्वक दर्ज करके और 272 व्यक्तियों को गिरफ्तार करके तस्करी विरोधी अभियान में असाधारण प्रदर्शन किया है। कृत्रिम मादक पदार्थों के निर्माण के खिलाफ आक्रामक कार्रवाई करते हुए, ब्यूरो ने 6 गुप्त प्रयोगशालाओं का भंडाफोड़ किया। इसके अलावा, एजेंसी की व्यापक प्रवर्तन कार्रवाइयों के परिणामस्वरूप भारी मात्रा में प्रतिबंधित सामग्री जब्त की गई, जिसमें लगभग 51,000 किलोग्राम विभिन्न एनडीपीएस ड्रग्स के साथ-साथ 12,72,00,000 मनोदैहिक दवाओं की गोलियां और कैप्सूल भी शामिल हैं।

 

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