देश भर के 46 शहरों में 62 रेस्तरांओं ने छिपाई 408 करोड़ रुपये की बिक्री
- आयकर विभाग ने अपनी आय छिपाने वाले रेस्तरांओं के खिलाफ पूरे देश में सत्यापन अभियान चलाया
नई दिल्ली : आयकर विभाग ने 8 मार्च 2026 को 22 राज्यों के 46 शहरों में स्थित 62 रेस्तरांओं पर देशव्यापी सर्वेक्षण किया, जिसमें लगभग 408 करोड़ रुपये की बिक्री छिपाने का पता चला|
आयकर विभाग स्वैच्छिक अनुपालन और विश्वास-आधारित दृष्टिकोण पर लगातार जोर देता रहा है तथा करदाताओं को अपनी गलतियां सुधारने के लिए मार्गदर्शन और सलाह देने हेतु ‘सक्षम नज’ (SAKSHAM NUDGE) अभियान शुरू किया है
‘सक्षम नज’ (SAKSHAM NUDGE) अभियान के पहले चरण में पहचान कर 63,000 रेस्तरांओं को ई-मेल और संदेश भेजे जाएंगे, जिनसे 31 मार्च 2026 से पहले अपने आयकर रिटर्न अपडेट करने का अनुरोध किया जाएगा
प्रविष्टि तिथि: 09 MAR 2026 9:25PM by PIB Delhi
आयकर विभाग ने नवंबर 2025 में खाद्य एवं पेय क्षेत्र में कर चोरी के पैटर्न से संबंधित जांच की। इस दौरान पाया गया कि कई रेस्तरां वास्तविक बिक्री को छिपाने के लिए बड़ी संख्या में बिलों को हटाने तथा अन्य प्रकार के बदलाव करने में लगे हुए थे।
खाद्य एवं पेय क्षेत्र के लगभग 1.77 लाख रेस्तरांओं के लेन-देन संबंधी आंकड़ों का सही तरीके से विश्लेषण एआई-सक्षम विश्लेषणात्मक उपकरणों की सहायता से किया गया। इन आंकड़ों की तुलना उनके आयकर रिटर्न में घोषित आय से की गई। विश्लेषण से बड़े पैमाने पर आय की कम रिपोर्टिंग का खुलासा हुआ। कुछ मामलों में दर्ज की गई बिक्री वित्तीय खातों या दाखिल किए गए कर से मेल नहीं खाए पाए गए, और कुछ लेन-देन को रिपोर्ट की गई बिक्री से बाहर रखा गया भी पाया गया था।
इसके परिणामस्वरूप 8 मार्च 2026 को 22 राज्यों के 46 शहरों में स्थित 62 रेस्तरांओं पर देशव्यापी सर्वेक्षण किया गया। प्रारंभिक स्तर पर इस कार्रवाई में लगभग 408 करोड़ रुपये की बिक्री छिपाने का खुलासा सामने आया है। इस संबंध में जांच आगे जारी है। विभाग स्वैच्छिक अनुपालन और विश्वास-आधारित दृष्टिकोण पर लगातार जोर दे रहा है। करदाताओं को अपनी गलतियां सुधारने के लिए मार्गदर्शन और सलाह देने हेतु ‘सक्षम नज’ (SAKSHAM NUDGE) अभियान शुरू किया गया है। करदाताओं को आयकर अधिनियम की धारा 139(8A) के अंतर्गत अद्यतन रिटर्न दाखिल करने के लिए प्रोत्साहित किया जा रहा है। पहले चरण में पहचान किए गए 63,000 रेस्तरांओं को ई-मेल और संदेश भेजे जाएंगे, जिनसे 31 मार्च 2026 से पहले अपने रिटर्न अपडेट करने का अनुरोध किया जाएगा।

