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डिजिटल जनगणना : पहली बार स्व-गणना,  मकानों की सूची बनेगी  

  • लगभग 12 लाख परिवारों ने स्व-गणना सुविधा का सफलतापूर्वक लाभ उठाया
  • बिहार में 15 दिवसीय स्व-गणना अवधि 17 अप्रैल, 2026 से प्रारंभ होगी

नई दिल्ली : जनगणना 2027 के प्रथम चरण के अंतर्गत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना कार्य कल 16 अप्रैल 2026 से देश के आठ राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों में शुरू हो रहा है। इनमें अंडमान एवं निकोबार द्वीपसमूह, गोवा, कर्नाटक, लक्षद्वीप, मिजोरम, ओडिशा और सिक्किम के साथ-साथ राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र के नई दिल्ली नगरपालिका परिषद (NDMC) एवं दिल्ली छावनी बोर्ड क्षेत्र शामिल हैं।

इन क्षेत्रों में 15 दिवसीय स्व-गणना अवधि समाप्त होने के बाद मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना (HLO) राष्ट्रव्यापी जनगणना अभियान के अंतर्गत प्रारंभ की जा रही है। यह कार्य 30 दिनों की अवधि, अर्थात् 15 मई, 2026 तक संचालित किया जाएगा, जिसके दौरान प्रशिक्षित प्रगणक घर-घर जाकर आंकड़ों को एकत्र करेंगे।

जनगणना में पहली बार शुरू की गई स्व-गणना (SE) सुविधा को जनता से उत्साहजनक रिस्पॉन्स मिला है। जनगणना 2027 के लिए अपनाई गई डिजिटल-प्रथम पहल के अंतर्गत अब तक लगभग 12 लाख परिवारों ने आधिकारिक पोर्टल (se.census.gov.in) के माध्यम से अपनी स्व-गणना सफलतापूर्वक पूर्ण की है।

यह सुविधा क्षेत्रीय गणना अवधि से पहले उपलब्ध कराई गई थी, जिससे निवासी सुरक्षित एवं user friendly डिजिटल मंच के माध्यम से ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकें। यह पहल जनगणना संचालन के डिजिटलीकरण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है और लचीलेपन, सुविधा तथा भागीदारी में आसानी प्रदान करने के लिए इसकी व्यापक रूप से सराहना हुई है।

जिन निवासियों ने स्व-गणना पूरी कर ली है, उनसे अनुरोध है कि वे अपनी स्व-गणना आईडी (SE ID) को तैयार रखें और प्रगणक के आने पर इसे उनसे साझा करें। जिन परिवारों ने स्वयं जनगणना का विकल्प नहीं चुना है, उन्हें जनगणना करने वालों द्वारा घर-घर जाकर मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना में शामिल किया जाएगा।

जनगणना पहली बार डिजिटल साधनों के माध्यम से आयोजित की जा रही है, जबकि व्यापक एवं सटीक कवरेज सुनिश्चित करने के लिए पारंपरिक घर-घर गणना प्रणाली को भी यथावत रखा गया है। फील्ड विज़िट के दौरान प्रगणक आंकड़ों को डिजिटल रूप से एकत्र करने के लिए dedicated मोबाइल एप्लिकेशन का उपयोग करेंगे, जिससे अधिक सटीक और त्वरित प्रोसेसिंग सुनिश्चित होगी।

मकानसूचीकरण एवं मकानों की गणना चरण के अंतर्गत, प्रगणक 33 अधिसूचित प्रश्नों पर आधारित संरचित प्रश्नावली के माध्यम से आवास की स्थिति, परिवारों का विवरण तथा उपलब्ध सुविधाओं एवं परिसंपत्तियों से संबंधित महत्वपूर्ण जानकारी एकत्रित करेंगे। जनगणना का यह चरण साक्ष्य-आधारित योजना निर्माण तथा कल्याणकारी एवं विकासात्मक कार्यक्रमों के निर्माण की आधारशिला है।

आंध्र प्रदेश, अरुणाचल प्रदेश, हरियाणा, चंडीगढ़, मध्य प्रदेश एवं छत्तीसगढ़ में 16 अप्रैल, 2026 से स्व-गणना सुविधा शुरू होगी जो 30 अप्रैल, 2026 तक उपलब्ध रहेगी। इन राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों से संबंधित मकानसूचीकरण कार्य 1 मई से 30 मई, 2026 तक संचालित किया जाएगा।

बिहार में 15 दिवसीय स्व-गणना अवधि 17 अप्रैल, 2026 से प्रारंभ होकर 1 मई, 2026 तक चलेगी, जिसके उपरांत मकानसूचीकरण कार्य 2 मई से 31 मई, 2026 तक संचालित होगा।

जनगणना अधिनियम, 1948 के अंतर्गत एकत्रित समस्त आंकड़े पूर्णतः गोपनीय रखे जाते हैं और उनका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों एवं विकास योजना निर्माण के लिए किया जाता है। अधिसूचित राज्यों और संघ राज्य क्षेत्रों के सभी निवासियों से अनुरोध है कि वे मकानसूचीकरण कार्य के दौरान प्रगणकों को पूर्ण सहयोग प्रदान करें और इस महत्वपूर्ण राष्ट्रीय अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाएं।

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