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उत्पल दत्त : रंगमंच का विद्रोही अदाकार

लेखक : दिलीप कुमार आज अधिकांश सिनेमाई प्रशंसको को उत्पल दत्त याद  नहीं होंगे. अधिकांश लोग तो उन्हें कॉमिक टाइमिंग के लिए ही जानते हैं. उत्पल केवल एक अदाकार नहीं थे, वो एक क्रांतिक रंगकर्मी भी थे. उत्पल विविधतापूर्ण अभिनय के लिए याद आते हैं. ऋषिकेश मुखर्जी की कॉमिक कालजयी फिल्म गोलमाल में उनकी हास्य…

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कोरोना वायरस जैसी महामारी की दस्तक फिर से

लेखक : डॉ आलोक चांटिया आज भारत ही नहीं संपूर्ण विश्व के 186 देश करोना जैसे वायरस से पीड़ित होकर अपने देश में रहने वाले लोगों को जिंदा रखने के लिए हर प्रयास कर रहे हैं यह स्थिति नाजुक इसलिए बन गई है क्योंकि अभी तक इस वायरस के विरुद्ध कोई भी एंटी टोड नहीं…

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सावरकर पर अपनी ही पार्टी लाइन के खिलाफ क्यों हैं राहुल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गांधी भाजपा और खासकर प्रधानमंत्री मोदी के खिलाफ किसी भी सीमा पर जाकर विरोश करते नजर आ रहे हैं| फिर चाहें अपनी ही दादी और परदादा के फैसले हों या फिर गठबंधन के दोस्त, राहुल गांधी को किसी की भी परवाह नहीं है| इसीलिए वीर सावरकर को लेकर कांग्रेस की…

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विश्व रंगमंच दिवस : ईसा पूर्व से हो रहा है मंचन

लेखक : डॉ आलोक चांटिया वर्ष 1961 में फ्रांस के जीन काक ट्यू द्वारा 27 मार्च को पहला विश्व रंगमंच दिवस मनाने का संकल्प आरंभ किया गया था जिसका उद्देश्य था कि रंगमंच और शांति की संस्कृति को बढ़ावा दिया जाए और बस तभी से इसी थीम पर हर वर्ष विश्व रंगमंच दिवस मनाया जाता…

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फारुख शेख : भरोसेमंद सदाबहार कलाकार

लेखक : दिलीप कुमार हिन्दी सिनेमा की भी अज़ीब सी दुनिया है, यहां कला फ़िल्मों को बोरिंग कहकर खारिज कर दिया जाता है, वहीँ समानान्तर सिनेमा के कलाकारों को एक रस का कलाकार कहकर सीमाओं में बाँध दिया जाता है, लेकिन कई बार सिद्ध हो चुका है, कि समानान्तर सिनेमा ही प्रमुख सिनेमा है. समानान्तर…

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बेतरतीब विकास : दरकते पहाड़, सिसकती धरती

मनीष शुक्ल कहानी दशकों पुरानी है| बदस्तूर जारी है| समय के साथ दर्द, पीड़ा और पलायन बढ़ता जा रहा है| रिपोर्ट पर रिपोर्ट जारी हो रही हैं लेकिन कहानी है जो ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही है| ये कहानी है हमारे पहाड़ी राज्यों के बेतरतीब विकास की| जिसकी वजह से पहाड़ दरक…

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अपराधी कितना ही बड़ा हो, सजा जरुर मिलेगी : भाजपा

कांग्रेस के युवराज राहुल गांधी ने चार साल पहले पिछड़ा समाज के खिलाफ सार्वजनिक रूप से जो अपमानजनक बातें की थी, उन्होंने पिछड़ा समाज को चोर बताया था। उस संदर्भ में अदालत ने उन्हें जो सजा सुनाई है, हम उसका स्वागत करते हैं। अदालत का फैसला यह दर्शाता है कि देश का कानून और देश…

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मोदी सरनेम पर लड़ाई अब पिछड़ों के अपमान पर आई

बीते दिन मानहानि केस में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता राहुल गाँधी को  सेशंस कोर्ट से दो साल की सजा होने के बाद कांग्रेस समेत विपक्ष हमलावर है| सभी दल भाजपा की केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं| उधर मोदी सरनेम को लेकर भाजपा ने कांग्रेस पर पिछड़ों के अपमान का आरोप लगाया है|…

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निलंबित मौन का स्वर ही मुखर आवाज

विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने मनीष शुक्ल के  कविता संग्रह निलंबित मौन के स्वर का विमोचन किया लखनऊ पुस्तक मेले में कलमकारों ने संवाद व् परिचर्चा की विश्व कविता दिवस के मौके पर उत्तर प्रदेश के विधान सभा अध्यक्ष सतीश महाना ने साहित्यकार- पत्रकार मनीष शुक्ल के पहले कविता संग्रह निलंबित मौन के स्वर…

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हिंदी- नेपाली साहित्य को सशक्त करने को घोषणा पत्र जारी

तीन दिवसीय नेपाल भारत साहित्य महोत्सव विराटनगर घोषणा पत्र के साथ संपन्न । विराट नगर, नेपाल| राम जानकी सेवा सदन में महानगर पालिका बिराटनगर नेपाल और क्रांतिधरा साहित्य अकादमी के संयुक्त तत्वावधान में तीन दिवसीय नेपाल भारत साहित्य महोत्सव का समापन साहित्य घोषणा पत्र के समापन के साथ हो गया| इस मौके पर दोनों देशों…

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