पेपर लीक रोकने के सोमवार को आ सकता सख्त बिल, 10 साल की सजा, भारी अर्थदण्ड
Proposed legislation against paper leaks
नई दिल्ली : नीट पेपर लीक के बाद आक्रामक हो रहे छात्र आंदोलन को लेकर केंद्र सरकार गंभीर कदम उठाने की कवायद ला रही है| पेपर लीक विवाद के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देर रात बड़ा एलान किया है। गुरुवार रात करीब 12 बजे जारी अपने वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने कहा कि सरकार पेपर लीक पर पूरी तरह रोक लगाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए नया विधेयक लाने जा रही है|
केंद्र सरकार पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली को रोकने के लिए मौजूदा भ्रष्टाचार विरोधी कानून को और कड़ा करने के उद्देश्य से एक नया संशोधन विधेयक ला रही है| बिल के मसौदे पर केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में चर्चा की गई है। पूरे मामले पर केंद्र सरकार की ओर से न्यायालय के समक्ष स्थिति स्पष्ट की है| उधर प्रधानमंत्री ने कहा कि सरकार का उद्देश्य परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाना और छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करना है। प्रस्तावित विधेयक में फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए मामलों की जल्द सुनवाई का प्रावधान भी शामिल किया जा सकता है, ताकि दोषियों को तेजी से सजा मिल सके।
सूत्रों के अनुसार, नए कानून में पेपर लीक करने वालों के लिए 5 से 10 साल तक की सजा, जमानत को कठिन बनाने, पेपर लीक में शामिल कोचिंग संस्थानों और शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई, दोषी पाए जाने पर संस्थान बंद करने तथा पेपर तैयार करने की प्रक्रिया में शामिल दोषियों को हमेशा के लिए सिस्टम से बाहर करने जैसे प्रावधान शामिल हो सकते हैं। इसके साथ फास्ट ट्रैक कोर्ट में तीन महीने के अंदर सुनवाई के बाद फैसला देने का भी प्रावधान हो सकता है|
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