ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में पदाधिकारियों के लंबे कार्यकाल पर हाईकोर्ट सख्त
The Allahabad High Court has expressed serious concern and taken a strict stance regarding office-bearers holding positions for years in residential and group housing societies without timely elections.
प्रयागराज। इलाहाबाद हाईकोर्ट ने ग्रुप हाउसिंग सोसाइटियों में पदाधिकारियों के लंबे समय तक पद पर बने रहने और सदस्यों के मतदान अधिकार से जुड़े मामले में राज्य सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति विनोद दिवाकर की एकल पीठ ने संस्थागत वित्त एवं रजिस्ट्रार, फर्म्स, सोसाइटीज एंड चिट्स के प्रधान सचिव को हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिया। मामला एल्डेको आमंत्रण अपार्टमेंट ओनर्स एसोसिएशन से जुड़ा है। कोर्ट ने 20 अप्रैल 2026 के आदेश पर अगली सुनवाई तक रोक लगा दी। कोर्ट ने कहा कि चुनाव न होने पर पदाधिकारी अनिश्चितकाल तक बने रहें तो कार्यकाल सीमा का उद्देश्य निष्फल हो जाएगा।
कोर्ट ने प्रथम दृष्टया कहा कि उत्तर प्रदेश अपार्टमेंट (प्रमोशन ऑफ कंस्ट्रक्शन, ओनरशिप एंड मेंटेनेंस) नियमावली-2011 के मॉडल बायलॉज के नियम 26 में पदाधिकारियों के कार्यकाल और उनके उत्तराधिकारियों के निर्वाचित होने तक पद पर बने रहने से जुड़े प्रावधानों की व्याख्या जरूरी है। कोर्ट ने कहा कि यदि चुनाव नहीं कराने के कारण पदाधिकारी अनिश्चितकाल तक पद पर बने रहते हैं तो कार्यकाल की निर्धारित सीमा का उद्देश्य ही निष्फल हो जाएगा।
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