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कहानी : जेहादी नहीं डाक्टर बनेगा बेटा…

लेखक : मनीष शुक्ल

“साब! आप लोग घूमो, फिरो, यहाँ के नजारे लो, बरफ देखो, शिकारे पर जाओ कहवा पियो और हसीन यादें लेकर हिंदुस्तान लौट जाओ।“ यह सुनते ही शर्मा जी चौंक पड़े। वो टूरिस्ट गाइड था और कई दिनों से वो मिस्टर शर्मा को कश्मीर घूमा रहा था, अब उनके साथ घुल मिल गया था लेकिन कश्मीर को देश का हिस्सा मानने में संकोच कर रहा था। मिस्टर शर्मा ने जब उसके मुंह से सुना कि नजारे लेकर हिंदुस्तान लौट जाओ तो वो चौंक गए। उन्होने उससे सवाल किया कि क्या कश्मीर भारत का हिस्सा नहीं है तो वो खामोश हो गया।

अब्दुल गनी कुछ देर की खामोशी के बाद बोला। “साब! आप लोग बुरे नहीं हो। आप जैसे टूरिस्ट से हमारी रोजी-रोटी चलती है लेकिन हिंदुस्तान की सरकारें हमारे साथ सौतेला व्यवहार करती आई हैं।““क्या किया तुम्हारे साथ सरकार ने?” शर्मा जी ने पलटकर सवाल पूछा तो वो बोला कि कश्मीर हमारा मुल्क है लेकिन धारा 370 हटाकर हमारी आजादी छीन ली। इंडिया की सरकार ने परेशान किया। कईयों को अपनी जान से हाथ धोना पड़ा। फिर हमने भी जेहाद कर अपने हाथों में पत्थर उठा लिए।

तुम कैसे कह सकते हो कि सरकार ने लोगों को मारा। देश में और भी स्थानों पर बवाल हुए हैं। लोग मारे भी गए लेकिन लोगों ने अपने ही देश के खिलाफ नारे तो नहीं लगाए। जो देश आपको सुविधाएं दे रहा है। पाल रहा है, उसको गाली कैसे दे सकते हो? शर्मा जी के सवाल पर अब्दुल ने कहा कि “ हमें आजादी चाहिए। पाकिस्तान हमारे हक में आवाज बुलंद करता है जबकि हिंदुस्तान हमें दबाना चाहता है।“ “आजादी? क्या तुम आजाद नहीं हो? क्या यहाँ के बेटे- बेटियाँ पूरे मुल्क में नाम रोशन नहीं कर रहे हैं। अगर तुम विरोध करते हो तो सरकार तुम्हारी बात सुनती है या नहीं? फिर अपने ही मुल्क के खिलाफ इतनी नफरत क्यों?” “साब! हम तो अपना और अपने बच्चों का खुशहाल भविष्य चाहते हैं। जब तक हमारे साथ सौतेला व्यवहार किया जाता रहेगा, तब तक यहाँ अमन कायम नहीं होगा।“ शर्मा जी अब्दुल को समझाने की कोशिश कर रहे थे कि तभी उसका लड़का दौड़ता हुआ आया और अपने अब्बू के गले लग गया। उसने बताया कि उसका आल इंडिया मेडिकल टेस्ट में सेलेक्शन हो गया है। अब वो दिल्ली जाकर पढ़ाई कर सकेगा। अब्दुल यह सुनकर खुशी से उछल पड़ता है। वो अपने बेटे को चूम कर खुशी जाहिर करता है। “देखा साब! यहाँ के लड़के कितने टैलेंटेड और मेहनतकश हैं। मेरे लड़के ने भी दिन रात पढ़ाई की, अब वो डाक्टर बन सकेगा।“ मिस्टर शर्मा यह सुनकर मुस्कराने लगे। उन्होने पूछा कि “अब वो इसी सिस्टम में रहकर डॉक्टर बनेगा। क्या तुम उसको अपनी आजादी की लड़ाई में शामिल नहीं करोगे? क्या साब आप भी? ये भी कोई पूछने वाली बात है। मेरा बेटा दिल्ली जाएगा और डॉक्टर बनेगा !!

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