डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’ बने विश्व सिंधी सेवा संगम के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष
बद्दी (हिमाचल प्रदेश): भोपाल (मप्र) में विगत सप्ताह विश्व सिंधी सेवा संगम (वीएसएसएस) का अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन सम्पन्न हुआ। इस सम्मेलन में विश्वभर के सिंधी समाज के नेताओं, अभिनेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं एवं धार्मिक गुरु आदि सभी ने बढ़-चढ़कर भाग लिया।
विश्व सिंधी सेवा संगम की 111 देशों तथा भारत के 25 राज्यों में इसकी शाखाएं हैं। विश्व सिंधी सेवा संगम (वीएसएसएस) संस्था सिंधी भाषा, संस्कृति, धर्म, सिंधी त्योहार और सिंधी समाज की जो भी समस्याएं होती हैं, उसके निदान का प्रयास करती है। इस अवसर पर वर्ष 2026 के लिए पदाधिकारियों का चयन किया गया। इसमें राष्ट्रीय उपाध्यक्ष के लिए डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’ का चयन सर्वसम्मति से किया गया।
डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’ बद्दी (हि.प्र.) के निवासी हैं, तथा कवि एवं साहित्यकार हैं। आप सिंधी भाषा के प्रचार-प्रसार हेतु सिंधुड़ी संस्था भी चलाते हैं, जो सिंधी भाषा सीखने के लिए किताबों की निःशुल्क पी.डी.एफ. प्रदान करती है। डॉ. ‘भारतीय’ हिंदी भाषा के साथ अपनी मातृ भाषा सिंधी में भी साहित्य का सृजन करते हैं। आपकी 3 पुस्तक प्रकाशित हो चुकी है, चौथी पुस्तक अतिशीघ्र प्रकाशित होने वाली है।
डॉ. प्रताप मोहन ‘भारतीय’ ने विश्व सिंधी सेवा संगम की टीम का आभार व्यक्त हुए कहा है, कि वे अपनी जिम्मेदारी का पूर्णतः निर्वाह करेंगे और सिंधी साहित्य तथा संस्कृति को आगे बढ़ाने का प्रयास करेंगे।

