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बड़े खिलाड़ियों के बिना टीम इंडिया ने इतिहास रचा

चिर काल तक स्मरणीय रहेगा इंग्लैंड का दौरा

ज्ञान प्रकाश

इंग्लैंड के खिलाफ पांच मैचों की सीरीज शुरु होने से पहले कहा जा रहा था कि भारत को शुभमन गिल की कप्तानी में करारी शिकस्त झेलनी पड़ेगी क्योंकि इंग्लैंड का दौरा भारत के लिये कभी आसान नहीं रहा। भले ही भारत ने 2-2 से सीरीज बराबर की हो लेकिन तीसरे मैच में भारत जीत के करीब पहुंच कर हार गया था। एक और अनचाहा भय खत्म हो गया कि जसप्रीत बुमराह के बिना भारत की गेंदबाजी कैसी होगी। सीरीज में भारत ने जिन दो मैचों में जीत हासिल की उनमें बुमराह नहीं खेले थे।

एक ऐसी श्रृंखला का बेहद रोमांचक अंत जिसे लंबे समय तक याद रखा जाएगा। यह गिल का भारत के टेस्ट कप्तान के रूप में पहला मैच था। विराट कोहली, रोहित शर्मा या अश्विन जैसे बड़े खिलाड़ी नहीं थे। टीम इंडिया ने पांच मैचों में जितने सत्र हारे, उससे ज्यादा जीते, कुछ गलतियां भी झेलीं और श्रृंखला बराबर कर ली। इंग्लैंड के लिए बेन स्टोक्स एक बेहतरीन आॅलराउंडर के रूप में लौटे। जोफ्रा आर्चर वर्षों बाद इंग्लैंड टीम में वापस आए और उतने ही अच्छे दिखे। बेन डकेट और हैरी ब्रूक अपने चरम पर हैं और रूट को सबसे ज्यादा टेस्ट स्कोरर बनने के लिए बस तेंदुलकर को पीछे छोड़ना है।

यशस्वी जायसवाल, ऋषभ पंत, रवीन्द्र जडेजा और के एल राहुल ने बैटिंग के साथ न्याय किया। वाशिंटन सुंदर भरोसे पर खरे उतरे। पूरी सीरीज में स्लेजिंग और ड्रामा भी खूब हुआ और सबसे ज्यादा स्लेजिंग सिराज ने इसे झेली। ऋषभ पंत और वोक्स ने बड़ी चोटों के बावजूद बल्लेबाजी की, जो लोगों की यादों में लंबे समय तक रहेगी।

बेन स्टोक्स ने बाद में कहा भी जब आप खेल नहीं पा रहे हों तो मुश्किल होती है। दोनों टीमों ने बहुत मेहनत की है, इसका हिस्सा बनना अद्भुत है। हम जीत हासिल नहीं कर पाए, इसका हमें बहुत दुख है, लेकिन टीम पर हमें बहुत गर्व है। वोक्स के मन में बल्लेबाजी को लेकर कभी कोई सवाल नहीं था। हमारे कई खिलाड़ी टूटे हुए पैर और उँगलियों के साथ मैदान पर उतरे हैं, यह दर्शाता है कि देश के लिए खेलने के लिए क्या करना पड़ता है। पूरी सीरीज शानदार रही। ऐसे पल हमेशा आते रहेंगे जब भावनाएँ बाहर आएंगी।

शुभमन गिल ने कहा दोनों टीमों का खेल शानदार रहा। अंतिम दिनों में हमें परिणाम का पता नहीं था, जिससे पता चलता है कि दोनों टीमें अपना सर्वश्रेष्ठ खेल दिखाने आई थीं। जब आपके पास सिराज और प्रसिद्ध जैसे गेंदबाज हों तो कप्तानी आसान लगती है। मुझे लगता है कि आज हमने जिस तरह से प्रतिक्रिया दी, वह शानदार थी। हमें विश्वास था, कल भी, हमें पता था कि हम दबाव में हैं। हम यह सुनिश्चित करना चाहते थे कि यह दबाव पूरे समय बना रहे। सिराज एक कप्तान का सपना हैं। उन्होंने हर गेंद और हर स्पेल में अपना सब कुछ झोंक दिया। 2-2 की बराबरी एक अच्छा उदाहरण है। मेरा लक्ष्य इस सीरीज का सर्वश्रेष्ठ बल्लेबाज बनना था और वहां तक पहुँचना बहुत संतोषजनक है।

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