रायबरेली में राहुल गांधी की अग्नि परीक्षा
लेखक : डॉ मनीष शुक्ल अस्सी के दशक में फिल्म में हीरो की इंट्री से पहले काफी संस्पेंस रखा जाता था| पर्दे पर पहले हीरो का जूता दिखाया जाता था| फिर उसकी चाल- ढाल और अंत में चेहरा सामने आता था| और सिनेमा हॉल दर्शकों की सीटियों से गूंज उठता था| 2024 के लोकसभा चुनाव…

