Latest news :

कला उत्सव में भारतीय संस्कृति के रूपों पर प्रस्तुति

एक्सपो के तहत मोनाल उत्तरांचल पूर्वांचल कला उत्सव के समापन समारोह में कलाकारों ने भारतीय संस्कृति के विभिन्न स्वरूपों पर प्रस्तुति देकर समा बांध किया। समारोह की सांस्कृतिक संध्या वरिष्ठ कलाकार राकेश कुकरेती को समर्पित की गई। मुख्य अतिथि डॉक्टर मीरा माथुर रजिस्टर भातखंडे विद्यापीठ व डॉक्टर अजय कुमार सिंह रावत वरिष्ठ वैज्ञानिक एनबीआरआई ने…

Read More

मुनाल पूर्वांचल उत्तरांचल कला उत्सव में भोजपुर के रंग

लखनऊ एक्सपो के तहत कथा मैदान आशियाना में न्यू कानपुर यूथ क्लब के सहयोग से आयोजित किया जा रहा है. सांस्कृतिक मंच का सातवां दिन भोजपुरी के सुप्रसिद्ध लोक गायक बालेश्वर को समर्पित किया गया. इस अवसर पर मुख्य अतिथि सुप्रसिद्ध कवित्री रेखा रावत बोरा व यश भारती लोक गायिका ऋचा जोशी ने दीप प्रज्वलन…

Read More

किसके हुए वीरदास, समूचे भारत के या?

विभूति मिश्र सोशल मीडिया में अभी मशहूर स्टेंडअप कॉमेडियन वीर दास खासे चर्चा में हैं, वीरदास अपनी एक कविता को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त तरीके से ट्रोल भी हो रहे हैं और प्रशंसा भी पा रहे हैं, कॉमेडियन वीर दास ने दो भारत नाम की कविता अमेरिका के वॉशिंगटन डीसी में एक शो के…

Read More

मुनाल उत्तरांचल- पूर्वांचल कला उत्सव में बिखरे कला के सतरंग

लखनऊ एक्सपो में आयोजित मुनाल उत्तरांचल पूर्वांचल कला उत्सव के तहत आज की संध्या सुप्रसिद्ध पत्रकार श्यामाचरण काला जी को समर्पित की गई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय प्रवक्ता किसान नेता ठाकुर तारा सिंह बिष्ट व डॉक्टर विकास श्रीवास्तव ने दीप प्रज्वलन कर सांस्कृतिक संध्या का उद्घाटन किया। मेला संयोजक मुनालश्री विक्रम बिष्ट ने दोनों…

Read More

जिंदगी इतनी आसान नहीं…

डॉ शिल्पी शुक्ला बक्शी जि़दगी इतनी आसन नहीं, जितनी नज़र आती है, घना कोहरा हो, या आँधी, रोज़ी-रोटी की तलाश, घर से बाहर ले आती है, तपती है, गलती है देह, सभी मौसमों में, तभी गरीब के पेट की, आग बुझ पाती है, बेबस चेहरों पर फिर भी , सुंदर मुस्‍कान नज़र आती है, मिट्टी…

Read More

गोण्डवी की आवाज : दिल पे रखके हाथ कहिए देश क्या आजाद है…

सौ में सत्तर आदमी फिलहाल जब नाशाद है, दिल पे रखके हाथ कहिए देश क्या आजाद है एक जन कवि जिसकी ऐसी पंक्तियाँ सत्ता और शासन को हिला देती थी। उनको पूरी दुनियाँ अदम गोंडवी के नाम से जानती है। वो जब लिखते थे तो उसमें आम जनता की आवाज सुनाई देती थी। उन्होने लिखा…….

Read More

इक प्रेम कहानी

डॉ. शिल्पी बक्शी शुक्ला अंबर से बरसता ये पानी, कहता है, अजब कहानी । हमने न सुनी थी, पर अंबर ने अपने आंसुओं से बुनी थी । तुमने न कही थी, पर इसकी पीड़ा हर पल धरा ने सही थी । सदियों से चलती, इक प्रेम कहानी, किसी फकीर की ज़बानी ।  कुछ जानी-कुछ अनजानी,…

Read More

समय से पूर्व ही बाल्मीकी को था रामायण की सभी घटनाओं का ज्ञान

अरविंद जयतिलक विश्व के सर्वाधिक प्रसिद्ध धार्मिक ग्रंथों में सिरमौर रामायण जिसे आदि रामायण भी कहा जाता है और जिसमें भगवान श्रीराम के पवित्र एवं जनकल्याणकारी चरित्र का वर्णन है, के रचयिता महर्षि वालमीकि संसार के आदि कवि हैं। उनके द्वारा रचित रामायण एक ऐसा महान महाकाव्य है जो हमें प्रभु श्रीराम के आदर्श और…

Read More

व्यंग्य : भैंसे की व्यथा कथा

संजीव जायसवाल ‘संजीव’ आ. सम्पादक जी, सादर प्रणाम, मैं कालू राम अध्यक्ष, अखिल भारतीय भैंसा संघ इस पत्र के माध्यम से अपने भैंसा समुदाय की व्यथा कथा सुनाना चाहता हूँ. इस देश में रंगभेद की कुरीति का सबसे बड़ा शिकार हम लोग ही हुए है लेकिन किसी ने भी कभी हमारी कोई सुध नहीं ली….

Read More

विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया डॉक्टर कोटनीस का जन्मदिन

डॉक्टर द्वारिकानाथ कोटनीस के जन्मदिवस को “बुद्धा पीस फाउंडेशन” द्वारा विश्व शांति दिवस के रूप में मनाया गया। इस अवसर पर एक अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, “डॉक्टर विदाउट बॉर्डर” नेमिनाथ होम्योपैथिक मेडिकल हॉस्पिटल एंड रिसर्च केंद्र आगरा में आयोजित की गई। जिसमें बड़ी संख्या में विशेषज्ञ एवं मेडिकल छात्र छात्राओं ने भागीदारी की। संगोष्ठी में मुख्य अतिथि…

Read More