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फादर्स डे : आसान नहीं पिता बन जाना..

–आर्यावर्ती सरोज “आर्या” लखनऊ स्मरण हो उठती हैं पिता की वो त्याग भावना, मेरे लिए, वाहन प्रबंध और,स्वयं बस से जाना, स्कूटर, मोटरसाइकिल से विद्यालय छोड़ कर आना, मेरी सभी इच्छाएं पूर्ण करना  माथे पर सिकन तक न लाना, संघर्षों को स्वयं ही साधा, मुख पर ले प्रभामंडल की आभा, सुख -सुविधाओं का प्रबंध करना…

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आदिपुरूष जैसा सिनेमा आने वाली पीढ़ी के लिए घातक

चंद्रभूषण सिंह लेखक फिल्म अभिनेता, निर्देशक व चर्चित नाटककार हैं जब तक आप अपनी संस्कृति का संरक्षण नहीं करेंगे । तब तक आप के साहित्य को, संस्कृति को तोड़ा जाएगा, मोड़ा जाएगा और उस को वहाँ तक ख़त्म करने और परिवर्तन करने की कोशिश की जाएगी , जहां तक आप की सहिष्णुता ख़त्म न हो…

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यो पर्यटन की कहानी : आज की नारी, दुनियां घूमने की तैयारी

लेखक : अभिषेक सिन्हा लेखक भारतीय जन संचार संस्थान के पूर्व छात्र और वर्तमान में ओयो होटल और कम्युनिकेशन के वरिष्ठ निदेशक हैं| अपने सपनों के पहाड़ चढ़ती महिलाएं, अपनी ही तरह मंजिल तलाशती, समुद्र की लहरों को एकटक देखती महिलाएं, किसी दूर दराज कैफे  में बैठी कॉफी की चुस्कियों के साथ अपने संघर्षों के…

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आधुनिक थिएटर के पितामह…  पृथ्वीराज कपूर

: दिलीप कुमार हिन्दी सिनेमा के युगपुरुष’ पृथ्वीराज कपूर एक ऐसा नाम जो केवल और केवल अपनी अदाकारी के लिए अमर हैं. उनको आधुनिक भारतीय रंगमंच का पितामह कहा जाए तो शायद ठीक होगा. पृथ्वीराज कपूर एक ऐसा अदाकार जो अपनी कड़क आवाज, रोबदार भाव भंगिमाओं और नायाब अभिनय के कारण लगभग चार दशकों तक…

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श्रधांजली : राजनीति के असाधारण व्यक्तित्व राजीव गांधी

लेखक : दिलीप कुमार आज देश की अधिकांश नई पीढ़ी को पता भी नहीं होगा, कि देश के नौवें प्रधानमंत्री राजीव गांधी की हत्या क्यों हुई! कैसे हुई? पता भी कैसे हो आज तो इतिहास बदलने का चलन शुरू हो गया है. आज लोगों को पता भी नहीं कि राजीव गांधी देश के लिए क्यों…

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गौतम बुद्ध पर लिखी पुस्तक और महाकाव्य का विमोचन एवं धम्म सभा सम्पन्न

अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ द्वारा धम्मचक्र प्रवर्तन, नवयुगारम्भ के तत्वावधान और मानवीय मूल्यों की रक्षा तथा वैश्विक एकता एवं शांति हेतु धर्म सापेक्ष, पंथ निरपेक्ष, ‘राजा भवति धम्मिको’ के अभियान में संस्थान द्वारा प्रकशित श्री खुशीराम द्विवेदी ‘दिव्य’ द्वारा रचित ‘श्रीगौतमबुद्धचरित’ महाकाव्य तथा डॉक्टर करुणा पांडे द्वारा रचित ‘राष्ट्रनायक गौतम बुद्ध’ पुस्तक का विमोचन…

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जहांगीर आर्ट गैलेरी मुंबई में 25 अप्रैल से प्रदर्शनी

प्रतिष्ठित जहांगीर आर्ट गैलेरी मुंबई में इंदौर के तीन कलाकार अपनी कला का सामुहिक प्रदर्शनी लगा रहे है। इंदौर के तीन वरिष्ठ कलाकार डॉ विम्मी मनोज, धीरेंद्र मांडगे और सुनील सर्राफ  अपनी पेंटिंग्स  “आयाम” इस शीर्षक से 25अप्रैल से 1मई तक जहांगीर कला दीर्घा में जहा अपनी त्रि आयामी  दृष्टिकोण प्रदर्शित करेंगे वही इनके साथ…

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जीवन के रंग गीतों में उतारने वाले शायर हसरत जयपुरी

लेखक : दिलीप कुमार हसरत जयपुरी की बेटी अपने पिता से कहती थीं, “मुझे आपके जैसे मुहब्बत के नग्मे लिखना हैं, आपकी तरह ज़िन्दगी का हर एक रंग लिखना चाहती हूं, मुझे भी शायरी लिखने का जुनून है. कैसे लिखूँ क्या करूँ? हसरत जयपुरी साहब अपनी बेटी से कहते थे ” शायरी तुमसे नहीं होगी,…

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हिंद देश करेगा 20 पुस्तकों की लाइव समीक्षा

छत्तीसगढ़ : हिंद देश परिवार छत्तीसगढ़ इकाई अपनी अद्भुत परिकल्पना और नायाब उपक्रमों के लिए जानी जाती है। इस बार इकाई की अध्यक्षा रंजना श्रीवास्तव “कुछ बातें किताबों की……..” के तहत “लेखक-समीक्षक जुगलबन्दी……..” से एक नवीन प्रतिमान स्थापित करने वाली हैं जिसमें फेसबुक लाइव के माध्यम से लेखक और समीक्षक एक साथ जुड़ेंगे और चयनित…

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“सिनेमा की अनोखी दास्ताँ सुचित्रा सेन”

लेखक : दिलीप कुमार हिन्दी सिनेमा की दुनिया जितनी विचित्र है, सिनेमा की दुनिया के लोग भी थोड़ा अज़ीब ही है. हिन्दी सिनेमा में एक ऐसी ही अदाकारा सुचित्रा सेन हुईं हैं, जो अपनी अनोखी लाइफस्टाइल के लिए याद की जाती हैं. सुचित्रा सेन के बिना हिन्दी सिनेमा की दुनिया कभी पूरी ही नहीं हो…

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