- खेल मंत्री पहली पोषण पूरक परीक्षण रेफरल प्रयोगशालाओं की घोषणा की
नई दिल्ली : खिलाड़ी अक्सर बिना टेस्ट की गई सामग्री के उपयोग के कारण डोंपिंग में फंस जाता है| जिसके बाद उनका करियर तक दांव में लग जाता है| केंद्र सरकार ने इससे निपटने के लिए रेफरल लैब के गठन का फैसला लिया| यह जानकारी युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारत सरकार ने खेल सामग्री निर्माण सम्मेलन में दी। कार्यक्रम में नीति निर्माताओं, उद्योग प्रतिनिधियों और विशेषज्ञों को एक साथ लाकर भारत के खेल सामग्री पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने और स्वदेशी विनिर्माण को बढ़ावा देने का लक्ष्य रखा गया।
इस अवसर पर, युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय, भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण (एफएसएसएआई) और संबंधित संस्थानों के बीच समझौता ज्ञापन के तहत दो पोषण पूरक परीक्षण प्रयोगशालाओं के लिए एनएबीएल मान्यता और एफएसएसएआई रेफरल प्रयोगशाला अनुमोदन की औपचारिक घोषणा की गई।
ये संस्थान हैं:
स्वापक औषधियों एवं मन:प्रभावी पदार्थों के अनुसंधान एवं विश्लेषण हेतु उत्कृष्टता केंद्र, राष्ट्रीय फोरेंसिक विज्ञान विश्वविद्यालय (एनएफएसयू), गांधीनगर, गुजरात और
विश्लेषणात्मक परीक्षण प्रयोगशाला, राष्ट्रीय औषधि शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (एनआईपीईआर), हैदराबाद।
केंद्रीय युवा कार्यक्रम एवं खेल तथा श्रम एवं रोजगार मंत्री डॉ. मनसुख मांडविया ने दोनों संस्थानों को सम्मानित किया और इस अग्रणी पहल के महत्व को रेखांकित किया। एथलीटों द्वारा पोषण संबंधी पूरकों का व्यापक रूप से उपयोग किया जाता है, लेकिन भारत में समर्पित परीक्षण सुविधाओं के अभाव के कारण अक्सर उन्हें अनजाने में डोपिंग का खतरा रहता है। अनजाने में इस तरह के असुरक्षित या दूषित उत्पादों का सेवन करना जो खेलों में प्रतिबंधित हैं उनसे डोपिंग परीक्षण सकारात्मक हो सकते हैं।
देश में पहली बार, पोषण संबंधी पूरकों में विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) द्वारा प्रतिबंधित पदार्थों के परीक्षण के लिए विशेष प्रयोगशालाएँ स्थापित की गई हैं। ये सुविधाएँ पूरकों की सुरक्षा और गुणवत्ता सुनिश्चित करेंगी, अनजाने में होने वाले डोपिंग उल्लंघनों को रोकेंगी और खेलों में निष्पक्ष खेल को बढ़ावा देंगी।
इन रेफरल प्रयोगशालाओं की स्थापना भारत के डोपिंग रोधी ढाँचे को मज़बूत करने, वैज्ञानिक क्षमता निर्माण और एथलीटों को विश्वसनीय, प्रमाणित पोषण संबंधी उत्पाद प्रदान करने की दिशा में एक बड़ा कदम है।