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कानपुर पुस्तक मेला : मानवता की सेवा में जुटा प्रत्येक व्यक्ति स्वयंसेवक

–              वरिष्ठ पत्रकार श्रीधर अग्निहोत्री की किताब अनसुने सितारे एवं डॉ मनीष शुक्ल की किताब मैं स्वयंसेवक की पुस्तक चर्चा   

कानपुर: कानपुर पुस्तक मेले में वरिष्ठ पत्रकार, साहित्यकार डॉ मनीष शुक्ल की किताब मैं स्वयंसेवक एवं फिल्म समीक्षक वरिष्ठ पत्रकार श्रीधर अग्निहोत्री की किताब अनसुने सितारे पर परिचर्चा का आयोजन किया गया|  लेखक मंच पर आयोजित समारोह के मुख्य अतिथि अभिताभ वाजपेई ने उद्घाटन किया। परिचर्चा की अध्यक्षता करते हुए डॉ दिवाकर मिश्र ने कहा कि मैं स्वयंसेवक पुस्तक देश को सामाजिक, सांस्कृतिक एकता के सूत्र में पिरोती है| यह राष्ट्रीय एकता की कहानी है| पुस्तक नए भारत का दस्तावेज़ है मैं स्वयंसेवक! प्रत्येक राष्ट्र सेवक स्वयं सेवक है| भले ही वो किसी जाति, धर्म, पंथ या भाषा और प्रदेश का हो| जो भी मानवता की सेवा करता है वो स्वयं सेवक है| उन्होने वरिष्ठ पत्रकार श्रीधर अग्निहोत्री की किताब अनसुने सितारे को गुमनाम फिल्म कलाकारों को समर्पित बताया| इस मौके पर डॉ मनीष शुक्ल ने कहा स्वयंसेवक एक व्यक्ति की राष्ट्रप्रेम की कहानी है| जिसके लिए हजारों लाखों स्वयंसेवक अपना जीवन राष्ट्र को समर्पित कर रहे हैं| 

पुस्तक विमोचन के अवसर पर सीएसजेएम यूनिवर्सिटी के प्रोफेसर सिधांशु राय ने कहा मैं स्वयं सेवक एक ऐसी पुस्तक है जो समाज के प्रत्येक वर्ग का प्रतिनिधित्व करती है| यह जाति- धर्म के बंधनों को तोड़कर मानवता का पाठ पढ़ाती है| भाजपा शिक्षक प्रकोष्ठ के प्रदेश संयोजक डॉ दिवाकर मिश्र  ने कहा कि भारत माँ के सभी पुत्र समान है| भले ही वो किसी जाति, धर्म, भाषा और पंथ के हों| वरिष्ठ भाजपा नेता विनोद शुक्ल ने कहा कि आप कल्पना के साथ यथार्थ के रंगभर कर राष्ट्रप्रेम का खांचा खींचते हैं तो विरासत और विकास साथ- साथ होते हैं| इस किताब में यही बताया गया है| विद्योतमा फाउंडेशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ सुबोध मिश्र  ने कहा कि इस कहानी के नायक सूर्य प्रकाश और रहीस हमारी सांझी सांस्कृतिक विरासत को सँजोते हैं| समाज को जाति- धर्म में बांटने वाली ताकतों को लड़कर हराते हैं|  आयोजक मनोज चंदेल ने कहा कि एक स्वयंसेवक के संघर्ष से लेकर राष्ट्र के नेतृत्वकर्ता बनने की कहानी है| इस मौके पर यलो पेजेज़ कानपुर के आशीष वर्मा, शिल्पायन प्रकाशन के उमेश शर्मा, राखी बक्शी, अमित वाजपेई ने विचार प्रकट किए|

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