केन्द्रीय बजट में सरकार की बदली दिशा आम आदमी को रास नहीं आयी
आनन्द अग्निहोत्री वरिष्ठ पत्रकार उद्योग जगत भले ही वित्त वर्ष 2022-23 के केन्द्रीय बजट का स्वागत कर रहा है लेकिन ज्यादातर लोगों के लिए इस बार का बजट बेमन का रहा। सबसे ज्यादा मायूसी तो उन लोगों को हुई है जो यह उम्मीद पाले बैठे हुए थे कि इस बार आयकर सीमा की रेंज बढ़ेगी।…

