सनातन समर्थक पार्टी का लखनऊ से राजनीतिक आगाज, राष्ट्रहित और जनसेवा को बताया मूल संकल्प

Sanatan Samarthak Party launches its political journey from Lucknow, names national interest and public service as its core resolution

Sep 13, 2026 - 19:36
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सनातन समर्थक पार्टी का लखनऊ से राजनीतिक आगाज, राष्ट्रहित और जनसेवा को बताया मूल संकल्प

लखनऊ:  सनातन समर्थक पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विजय प्रताप आर्य ने कहा कि पार्टी का गठन केवल चुनाव लड़ने अथवा सत्ता प्राप्त करने के लिए नहीं हुआ है। पार्टी राजनीति को जनसेवा, राष्ट्रहित और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रभावी माध्यम बनाएगी। इस अवसर पर राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. आर.बी.एन. पाण्डेय ने कहा कि संगठन को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। युवाओं, महिलाओं, किसानों, श्रमिकों, शिक्षित वर्ग और प्रबुद्ध नागरिकों को संगठन से जोड़ते हुए व्यापक जनभागीदारी आधारित राजनीतिक संगठन के रूप में पार्टी को मजबूत किया जाएगा।

 राजधानी स्थित उत्तर प्रदेश प्रेस क्लब, चाइना बाजार गेट में रविवार को सनातन समर्थक पार्टी का आधिकारिक शुभारंभ किया गया। दीप प्रज्वलन एवं मंगलाचरण के साथ आयोजित कार्यक्रम में पार्टी की नई राजनीतिक यात्रा का विधिवत आगाज हुआ। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. विजय प्रताप आर्य ने पार्टी के विजन, मिशन, नीतियों और आगामी राजनीतिक दिशा को मीडिया एवं उपस्थित लोगों के समक्ष रखा। कार्यक्रम में महामंडलेश्वर संतगण, वरिष्ठ अधिवक्ता, सेवानिवृत्त प्रशासनिक अधिकारी, प्रबुद्धजन एवं विशिष्ट अतिथि उपस्थित रहे।

 कार्यक्रम में आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी कौशल्या नंद गिरी जी, महामंडलेश्वर डॉ. स्वामी रमण पुरी जी महाराज, राज राजेश्वरी योग माता राधिका पुरी जी तथा सत्यसमदर्शी देवेंद्र कविराजदेव जी की गरिमामयी उपस्थिति रही। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय वक्ता डॉ. विद्यासागर उपाध्याय, रिटायर्ड IAS सी.पी. त्रिपाठी, रिटायर्ड IAS कैप्टन एस.के. द्विवेदी, रिटायर्ड जिला जज मनोज तिवारी तथा योग गुरु ज्योति बाबा भी मौजूद रहे।

 कार्यक्रम में महामंडलेश्वर एवं संतगणों ने पार्टी की नई राजनीतिक यात्रा के लिए मंगलकामनाएं एवं आशीर्वचन दिए। उन्होंने कहा कि सनातन किसी एक व्यक्ति अथवा वर्ग की पहचान नहीं, बल्कि भारत की चिरंतन संस्कृति, जीवन-मूल्यों, सत्य, सेवा, संस्कार, समरसता और विश्वकल्याण की भावना का आधार है। संतगणों ने राजनीति को राष्ट्रसेवा और जनसेवा का माध्यम बनाने तथा समाज में एकता, संस्कार और समरसता को मजबूत करने पर जोर दिया।

उन्होंने  कहा कि सनातन संस्कृति और आधुनिक विकास एक-दूसरे के विरोधी नहीं, बल्कि पूरक हैं। पार्टी शिक्षा, रोजगार, तकनीक, कृषि, उद्योग, स्वास्थ्य, कौशल विकास और ग्रामीण विकास को प्राथमिकता देगी।

 उन्होंने कहा कि युवाओं को रोजगारपरक कौशल एवं अवसर उपलब्ध कराने, किसानों की समस्याओं को मजबूती से उठाने, महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने और गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए कार्य किया जाएगा। आम नागरिक की आवाज को सत्ता के गलियारों तक पहुंचाना और उसे राजनीतिक प्रक्रिया का सक्रिय भागीदार बनाना पार्टी की प्राथमिकताओं में शामिल रहेगा।

 

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