पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान पर बिम्सटेक सम्मेलन
BIMSTEC Conference on Traditional Medicine Knowledge, Genetic Resources and Intellectual Property Rights
गोवा : पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान, आनुवंशिक संसाधनों और बौद्धिक संपदा अधिकारों पर तीसरे बिम्सटेक सम्मेलन तथा दूसरी बिम्सटेक नोडल ग्रुप बैठक का आज गोवा में सफलतापूर्वक समापन हुआ। सम्मेलन में सभी सात बिम्सटेक सदस्य देशों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया।
नोडल ग्रुप ने विस्तृत विचार-विमर्श के बाद सहयोग के चार प्रमुख क्षेत्रों—संस्थागत एवं नीतिगत सहयोग, मानक एवं व्यापार, दस्तावेजीकरण एवं क्षमता निर्माण तथा कार्यान्वयन तंत्र—पर सहमति व्यक्त की। सभी सदस्य देशों ने बौद्धिक संपदा, आनुवंशिक संसाधनों और पारंपरिक चिकित्सा ज्ञान के क्षेत्रों में एक-दूसरे को सहयोग देने पर सहमति जताई, जिससे भविष्य में क्षेत्रीय सहयोग के लिए मजबूत आधार तैयार हुआ।
प्रो. वैद्य पी.के. प्रजापति, निदेशक, AIIA ने कहा कि यह सम्मेलन महत्वपूर्ण रहा क्योंकि इसमें केवल चर्चा ही नहीं हुई, बल्कि कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर सहमति भी बनी। उन्होंने कहा कि ‘गोवा कन्क्लूजन’ भविष्य में BIMSTEC सहयोग के लिए मजबूत आधार प्रदान करता है।
श्रीमती मोनालिसा दास, संयुक्त सचिव, आयुष मंत्रालय ने सभी सदस्य देशों की सक्रिय भागीदारी और रचनात्मक सहयोग की सराहना की।
श्री कदिरकामु कंदासामी योगनादन, निदेशक—विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार तथा स्वास्थ्य एवं मानव संसाधन विकास प्रभाग, BIMSTEC सचिवालय ने सम्मेलन के सफल आयोजन, समन्वय और आतिथ्य के लिए आयुष मंत्रालय एवं AIIA की सराहना की। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सहयोग का उद्देश्य लोगों के कल्याण में सुधार, स्वास्थ्य प्रणालियों को मजबूत करना और पारंपरिक चिकित्सा की समृद्ध विरासत को भावी पीढ़ियों के लिए संरक्षित करना है। धन्यवाद ज्ञापन प्रो. डॉ. सुजाता कदम, डीन, AIIA गोवा द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने सभी BIMSTEC सदस्य देशों, प्रतिनिधियों, विशेषज्ञों, अधिकारियों और हितधारकों के सक्रिय सहयोग एवं सम्मेलन की सफल परिणति में उनके योगदान के लिए आभार व्यक्त किया।
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