मुंबई : शहीद, पूरब और पश्चिम, उपकार और क्रांति जैसी देशभक्ति की फिल्में देने वाले अभिनेता, निर्माता और निर्देशक मनोज कुमार का निधन हो गया| 87 साल की उम्र में भारत कुमार के नाम से चर्चित अभिनेता ने अस्पताल में अंतिम सांस ली| पद्मश्री मनोज कुमार के निधन से बालीवुड में शोक की लहर दौड़ पड़ी| प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत उत्तर प्रदेश भाजपा के अध्यक्ष भूपेन्द्र चौधरी ने उनके निधन पर शोक जताया है| फिल्मों से सन्यास लेने के बाद मनोज कुमार ने वर्ष 2004 में भाजपा का दामन थाम लिया था| ओम शांति ओम फिल्म में उनके चरित्र का मज़ाक बनाने पर अभिनेता शाहरुख खान से खासा विवाद भी चला था|
मनोज कुमार ने मुंबई के कोकिलाबेन धीरूभाई अंबानी अस्पताल में अंतिम सांस ली| उनहोंने बॉलीवुड को उपकार, पूरब-पश्चिम, क्रांति, रोटी-कपड़ा और मकान, कलियुग की रामायण सहित कई ब्लॉक बस्तर फिल्में दीं| मैदाने जंग उनकी अभिनीत आखिरी फिल्म थी जिसमें सुपरस्टार अक्षय कुमार भी थे| अक्षय ने एक्स पर लिखा, मैं उनसे सीखता हुआ बड़ा हुआ कि हमारे देश के लिए प्यार और गर्व से बढ़कर कोई भावना नहीं है और अगर हम एक्टर इस भावना को दिखाने में आगे नहीं आएंगे, तो कौन करेगा? इतने अच्छे इंसान और हमारे बिरादरी की सबसे बड़ी संपत्तियों में से एक. RIP मनोज सर. ओम शांति! जैकी श्रॉफ ने हाथ जोड़ने और टूटे दिल की इमोजी शेयर करते हुए सुपरस्टार मनोज कुमार की एक मुस्कुराती ब्लैक एंड व्हाइट फोटो शेयर की है, जिस पर फैंस रिएक्शन देते हुए श्रद्धांजलि देते दिख रहे हैं|
फिल्म निर्माता विवेक रंजन अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर पोस्ट किया. उन्होंने पोस्ट में लिखा, “भारत के पहले सच्चे मौलिक और प्रतिबद्ध भारतीय फिल्म निर्माता, दादा साहब फाल्के पुरस्कार विजेता मनोज कुमार जी आज हमें छोड़कर चले गए. एक गौरवान्वित राष्ट्रवादी. दिल से एक कट्टर हिंदू. एक दूरदर्शी निर्देशक जिन्होंने भारतीय सिनेमा को एक नया व्याकरण दिया – गीतों के चित्रण का, सार्थक गीतों का, ऐसा सिनेमा जो न केवल मनोरंजन करता था, बल्कि उससे जुड़ाव भी महसूस कराता था.उन्होंने देशभक्ति को बिना शोरगुल के सिनेमाई बना दिया| उन्होंने राष्ट्रवाद को बिना किसी माफी के काव्यात्मक बना दिया| उधार की आवाजों और दूसरे दर्जे के सौंदर्यशास्त्र के दौर में, उन्होंने अपनी जड़ों से जुड़े रहने का साहस किया| देशभक्त और उनके जैसे कलाकार कभी नहीं मरते|अजय देवगन और आमिर खान ने भी दिवगंत मनोज कुमार के निधन पर शोक व्यक्त करते हुए श्रद्धांजलि दी है| गौरतलब है कि मनोज कुमार का जन्म 24 जुलाई 1937 को ऐबटाबाद में हुआ, जो बंटवारे के बाद पाकिस्तान का हिस्सा बना. बंटवारे के बाद मनोज कुमार के अभिभावकों ने भारत में रहने का फैसला किया. इसी के साथ वह दिल्ली आ गए. मनोज कुमार ने बंटवारे का दर्द बहुत नजदीक से देखा था. बताया जाता है कि वह दिलीप कुमार और अशोक कुमार की फिल्मों को देखकर इतने प्रभावित हुए कि उन्होंने एक्टर बनने का निश्चय कर लिया. इसी के साथ ही उन्होंने अपना नाम हरिकिशन गिरि गोस्वामी से बदलकर मनोज कुमार रख लिया|