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रिचार्जेबल बैटरी प्रौद्योगिकी में असीम संभावना  

भारत सरकार के साथ बहुमूल्य साझेदारी निर्मित करने के लिए उद्योग संस्थाओं की ओर से गहरी रुचि दिखाई गई

  • इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय भारत में विनिर्माण को प्रोत्साहन देने के लिए रिचार्जेबल बैटरी प्रौद्योगिकी (आरबीटी) में नवाचार को बढ़ावा देने के प्रति समर्पित है। इसके लिए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने सीएमईटी, पुणे (www.coerbt.in) में एक अनुसंधान एवं विकास केंद्र, “रिचार्जेबल बैटरी टेक्नोलॉजी (प्री-सेल) पर उत्कृष्टता केंद्र (सीओई)” की स्थापना की है। इस उद्देश्य को सहयोग देने के लिए, इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सचिव की अध्यक्षता में इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में एक औद्योगिक बैठक आयोजित की गई थी।

कार्यक्रम में लीथियम आयन, सोडियम आयन और लिथियम-पॉलिमर के लिए स्वदेशी विनिर्माण प्रौद्योगिकी में केंद्र की ओर से की गई प्रगति पर प्रकाश डाला गया। बैठक में अनुसंधान एवं विकास पहलों में उद्योग सहभागिता के अवसरों का अन्वेषण किया गया। केंद्र रिचार्जेबल बैटरी सेल के लिए स्थानीय मशीनरी पर ध्यान देने के साथ ईवी, मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक्स में स्वदेशी विनिर्माण प्रौद्योगिकियों और अनुप्रयोगों को एडवांस करने और स्केल करने के लिए प्रतिबद्ध है।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय सचिव श्री एस. कृष्णन ने जोर दिया कि “यह उद्योग बैठक उद्योग-उन्मुख अनुसंधान और सहयोग पर जोर देते हुए विकसित प्रौद्योगिकी के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। व्यावहारिक अनुसंधान पर इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का ध्यान व्यावसायिक प्रासंगिकता और उद्योग-संचालित समाधानों की बढ़ती आवश्यकता के साथ संरेखित है। उद्योग प्रतिभागियों की उत्साहजनक प्रतिक्रिया इस प्रदर्शित प्रौद्योगिकी की क्षमता को उजागर करती है। बैटरी प्रौद्योगिकी के तेजी से बढ़ते भाग के रूप में उभरने के साथ, नवाचार और अपनाने को बढ़ावा देने के लिए इस तरह के सहयोग जरूरी हैं”।

इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय में अतिरिक्त सचिव श्री भुवनेश कुमार ने इस बात पर प्रकाश डाला कि “उद्यमी और बड़े उद्योग इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय की ओर से विकसित प्रौद्योगिकी को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं”।

बैठक में विभिन्न उद्योग संघों जैसे ईएलसीआईएनए, ईआईएसए, आईसीईए और टाटा केमिकल्स, मुनोथ इंडस्ट्रीज, एक्साइड, एटीएल बैटरी, बोट, एजीसीएल, ओला इलेक्ट्रिक मोबिलिटी, लूम सोलर, ज़ैंगो और कई अन्य की भागीदारी देखी गई है। उन्होंने केंद्र के साथ मूल्यवान साझेदारी बनाने में गहरी रुचि दिखाई। केंद्र और सोडियम आयन के लिए वॉटहॉर प्राइवेट लिमिटेड, लीथियम आयन के लिए एंपियर ग्रीन मैटीरियल और लीथियम आयन के लिए ब्रांडवर्क टेक्नोलॉजीज प्राइवेट लिमिटेड के बीच तीन समझौता ज्ञापनों (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए गए।

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