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लिंग-आधारित हिंसा रोकने को #AbKoiBahanaNahi (#अब कोई बहाना नहीं) अभियान

आज नई दिल्ली में एक राष्ट्रीय अभियान “#AbKoiBahanaNahi” लॉन्च किया गया। यह संयुक्त राष्ट्र महिला के समर्थन से महिला एवं बाल विकास और ग्रामीण विकास मंत्रालयों के बीच एक सहयोगात्मक प्रयास है। इस अवसर पर केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री, श्रीमती अन्नपूर्णा देवी, केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री, श्री शिवराज सिंह चौहान, ग्रामीण विकास राज्य मंत्री, श्री कमलेश पासवान और ग्रामीण विकास एवं संचार राज्य मंत्री डॉ. चंद्र शेखर पेम्मासानी उपस्थित थे।

सभा को संबोधित करते हुए मंत्री श्रीमती अन्नपूर्णा देवी ने कहा कि आज शुरू किए जा रहे इस अभियान का उद्देश्य महिलाओं और विभिन्न लिंग के व्यक्तियों के अधिकारों को आगे बढ़ाना और उनके जीवन को भय और लिंग आधारित भेदभाव से मुक्त करना है। इसका उद्देश्य महिलाओं को शर्म और सामाजिक बाधाओं से मुक्त होने के लिए सशक्त बनाना है, जिससे वे अपने ऊपर हुए अत्याचारों की रिपोर्ट कर सकें और अपनी गरिमा के लिए लड़ सकें।

इस वर्ष, संयुक्त राष्ट्र के #NoExcuse के वैश्विक अभियान पर आगे बढ़ते हुए, जो प्रतिबद्धताओं को पुनर्जीवित करने, जवाबदेही और कार्रवाई का आह्वान करने के लिए महिलाओं के खिलाफ हिंसा की चिंताजनक वृद्धि पर ध्यान आकर्षित करता है, भारत सरकार ने इसे उजागर करने के उद्देश्य से #AbKoiBahanaNahi लॉन्च किया है। इसका उद्देश्य महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ हिंसा को समाप्त करने की तात्कालिकता का संदेश तथा लिंग आधारित हिंसा के किसी भी एवं सभी रूपों के प्रति मध्य भारत के शून्य-सहिष्णुता रुख को रेखांकित करना है।

भारत सरकार ने महिलाओं के नेतृत्व वाले विकास के लिए शासन में आदर्श बदलाव को लागू करते हुए, जीवन और अर्थव्यवस्था के सभी क्षेत्रों में महिलाओं की पूर्ण, समान और सार्थक भागीदारी के लिए सक्षम प्रावधान बनाए हैं। इसमें महिलाओं के कठिन परिश्रम और गरीबी को कम करने, सार्वजनिक देखभाल के बुनियादी ढांचे का निर्माण करने और स्वास्थ्य देखभाल तक सार्वभौमिक पहुँच का निर्माण, करने, महिलाओं के असमान देखभाल कार्य को कम करने, औपचारिक वित्तीय प्रणालियों तक पहुंच में सुधार करने, लिंग डिजिटल विभाजन को कम करने, सुरक्षित गतिशीलता एवं सुरक्षित आवास सुनिश्चित करने के लिए कई बड़े पैमाने पर हस्तक्षेप शामिल हैं। साथ ही, महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ सभी प्रकार की हिंसा का रोकथाम और निवारण के लिए एक मजबूत सेवा वितरण बुनियादी ढांचे का निर्माण करना भी शामिल है।

केन्द्रीय ग्रामीण विकास मंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने पहले से चल रहे अच्छे कार्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि यदि महिलाओं को पूर्ण रूप से सशक्त बनाना है तो महिला सशक्तिकरण, सामाजिक सशक्तिकरण, राजनीतिक सशक्तिकरण और शैक्षणिक सशक्तिकरण करना होगा। प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण की पहल को एक अभियान के रूप में क्रियान्वित किया जा रहा है।

लिंग आधारित हिंसा महिलाओं और लड़कियों को सम्मान के साथ जीने और विकास प्रक्रिया में समान भागीदार के रूप में योगदान करने से रोकती है। जैसा कि भारत का लक्ष्य प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के दूरदर्शी नेतृत्व में 2047 तक एक विकसित देश बनने का है, यह सपना महिलाओं के पूर्ण और समान योगदान के बिना संभव नहीं होगा, जो कि महिलाओं को हिंसा का सामना करने पर या हिंसा धमकी मिलने पर बाधित होता है। केंद्रीय महिला एवं बाल विकास मंत्री ने प्रधानमंत्री की कल्पना के अनुसार विकसित भारत को वास्तविकता बनाने के लिए अर्थव्यवस्था में महिलाओं की भागीदारी के महत्व को दोहराया।

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