उत्तराखंड : सारे मिथक तोड़कर दोबारा सीएम बन रहे धामी
देहरादून। उत्तराखंड में भारतीय जनता पार्टी की सरकार बनने जा रही है। 23 मार्च को पुष्कर सिंह धामी सारे मिथक तोड़कर राज्य गठन के बाद लगातार दूसरी बार सीएम बनने जा रहे हैं। इससे पहले तीन जुलाई 2021 को उन्होने उत्तराखंड के मुख्यमंत्री की शपथ ली थी। धामी का ये राजनीतिक सफर लखनऊ यूनिवर्सिटी के एक आम छात्र की तरह शुरू हुआ था। धामी की शुरुआती शिक्षा गांव के ही स्कूल में हुई। इसके बाद इनका परिवार खटीमा आ गया। जहां से धामी ने 12वीं तक की पढ़ाई की। बाद में लखनऊ यूनवर्सिाटी में मानव संसाधन प्रबंधन और औद्योगिक संबंध में मास्टर्स की डिग्री की। यहीं से उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत भी हुई। 2000 में उत्तराखंड के गठन से पहले ही धामी लखनऊ यूनिवर्सिटी की छात्र राजनीति में सक्रिय हो गए थे। 1990 से 1999 तक जिले से लेकर राज्य एवं राष्ट्रीय स्तर तक अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद में कई पदों में रहकर विद्यार्थी परिषद में काम किया। वे दो बार भारतीय जनता युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रहे। धामी कुमायूं क्षेत्र के बड़े राजपूत चहेरे भी हैं। भाजपा के वरिष्ठ नेता और महाराष्ट्र के राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी को धामी का राजनीतिक गुरु माना जाता है। जब भगत सिंह कोश्यारी सीएम थे तो पुष्कर सिंह धामी उनके ओएसडी भी रह चुके हैं। वर्तमान में उन्हें रक्षामंत्री राजनाथ सिंह के निकट माना जाता है। पुष्कर सिंह धामी ने 2012 और 2017 में खटीमा सीट से चुनाव जीत चुके हैं। पार्टी ने तीसर बार उन्हें फिर यहीं से मैदान में उतारा था लेकिन वह इस बार अपनी सीट हार गए। हालांकि उनके चेहरे पर चुनाव लड़कर भाजपा ने पहली बार दोबारा सरकार बनाने में सफलता प्राप्त की जिसका उनको पुरस्कार भी मिला। अब कार्यवाहक मुख्यमंत्री को लगातार दूसरे कार्यकाल का अवसर दिया जा रहा है।
