घुटन से आजादी का प्रतीक… इंटरनेशनल ट्रांसजेंडर डे आफ विजिबिलिटी
लेखक : डॉ आलोक चांटिया अखिल भारतीय अधिकार संगठन ट्रांसजेंडर यानी लिंग के परे और यहीं पर यह समझने की आवश्यकता है कि जैविक शब्द सेक्स का सांस्कृतिक रूपांतरण ही जेंडर है जिसके आधार पर मानव संस्कृति ने अपने उद्भव के समय से लेकर आज तक सिर्फ स्त्री और पुरुष को ही सामान्य मानते हुए…

