एकबार फिर सुप्रीम कोर्ट ने बुलंद की देश की आवाज
आर्टिकिल 19 A यानी अभिव्यक्ति की आजादी हमेशा ही बहस का मुद्दा रही है| जहाँ एक ओर कहा गया है दूसरे की नाक शुरू होते ही आपके बोलने की आजादी समाप्त हो जाती है| वहीँ ‘बोल के लब आजाद हैं तेरे’ जैसे नारों के जरिये क्रांति की नई अलख जगाई जाती है| देश में सुप्रीम…
