आजादी के समय लौह पुरूष ने कहा था : “एक हजार साल हमने 80 फीसद हिन्दुस्तान एक किया”
देश की आजादी लगभग तय हो चुकी थी लेकिन इस आजादी की कीमत अंग्रेज देश के कई टुकड़ों की रूप में वसूल करना चाहते थे! अलग- अलग रियासतें अपना राज्य चाहती थीं तो पाकिस्तान की मांग चरम पर पहुँच गई थी! देश में आपसी नफ़रत का महल पनपने लगा था! अंग्रेज चाहते भी यही थे…

