विधाता का तिलिस्म : संजीव और दिलीप कुमार ने अमर कर दिया
लेखक : दिलीप कुमार संजीव कुमार बहुमुखी प्रतिभा के धनी अदाकार थे. जवानी में भी बुजुर्ग की भूमिका बड़ी सहजता से अदा कर दिया करते थे. पहले थिएटर में अभिनय की बारीकियां सीखीं. बाद में हिन्दी सिनेमा में पदार्पण किया.आते हुए एक दो फ़िल्मों में उतने प्रभावी नहीं रहे. 1968 में आई फिल्म ‘शिकार’ से…

