फिल्मों से समाज को गढ़ने में जुबली कुमार का खास योगदान
लेखक : दिलीप कुमार देश की आज़ादी एवं हिन्दी सिनेमा का एक अंतर्संबंध रहा है. आज़ादी के बाद बंटवारे की त्रासदी के साथ ही उस दौर में जाने कितने कलाकारों ने अपने ख्वाबों को टूटते देखा होगा, तो कईयों ने पलायन, आदि का दर्द झेलते हुए कामयाबी हासिल की है . सिनेमा समाज का दर्पण…

