नूतन और देवानन्द यानि फिल्म काला की दो धाराओं का मिलन
दिलीप कुमार देखो रूठा न करो दिलीप कुमार लेखक “तेरे घर के सामने” एक कॉमेडी, रोमांटिक फिल्म है.जो सामाजिक संदेश भी दे जाती है कि “जो कुछ नया है वह बुरा नहीं है, न ही वह सब कुछ पुराना अच्छा है”कहानी एक युवा आर्किटेक्चर राकेश (देवानंद) की है, जो पश्चिमी शिक्षा प्राप्त करने के…

