हिन्दी सिनेमा के नायाब फनकार… कन्हैयालाल
लेखक- दिलीप कुमार कन्हैया लाल जी ने खुद को पूर्णतः बनारसी रंग में ढाल रखा था, उनकी शख्सियत को आवरण पूरी तरह से गंवई बुजुर्ग का था. आम तौर पर चमक – दमक वाला हिन्दी सिनेमा ऐसी सादगीपूर्ण शख्सियत को कभी स्वीकार नहीं करता. कैरियर के शुरुआती दौर में कन्हैयालाल संघर्ष करते रहे. बाद में…

