आपातकाल में नासूर के रूप में जोड़े गए दो शब्द, ये सनातन भावना का अपमान : उपराष्ट्रपति
नई दिल्ली : उपराष्ट्रपति श्री जगदीप धनखड़ ने आज कहा कि, “किसी भी संविधान की प्रस्तावना उसकी आत्मा होती है। भारतीय संविधान की प्रस्तावना अद्वितीय है। भारत को छोड़कर, [किसी अन्य] संविधान की प्रस्तावना में परिवर्तन नहीं हुआ है और क्यों? प्रस्तावना परिवर्तनीय नहीं है। प्रस्तावना में परिवर्तन नहीं किया जा सकता। प्रस्तावना वह आधार…
