जीनत अमान की दास्तान … अभी न जाओ छोड़ के…!
दिलीप कुमार लेखक देव साहब के अपने दौर में या उनके दशकों बाद या आज के दौर में “अभी न जाओ छोड़कर कि दिल अभी भरा नहीं” ऐसे गुनगुनाती फीमेल फैन्स दिखती हैं तो यूँ लगता है, कि वो अपने हीरो देवानंद साहब को प्रेम प्रस्ताव भेज रही हैं. तीन पीढ़ियों में संवेदनशील प्रेमी के…

