अमूल्य धरोहर : जनजातीय कला संग्रहालय भोपाल
डॉ शिल्पी शुक्ला मानव का प्रकृति ने अटूट नाता है। मनुष्य प्रकृति की गोद में जितना सुरक्षित है उतना सुरक्षित और प्रसन्न वह कहीं भी नहीं रह सकता। हवा से झूमते हुए पेड़, कल-कल कर बहती हुई नदी , पक्षियों का कलरव और मिट्टी की सोंधी खुशबू। मनुष्य को हमेशा से ही प्रिय रही है।…

