Latest news :

‘नहीं रचेंगे स्वांग भइया ‘हम तो चले हरिद्वार’

लखनऊ। कौन जाने एक झूठ के पीछे कितने और झूठ बोलने पड़ें, कितने स्वांग रचने पड़ें! सीधे- साधे चन्द्रप्रकाश बाबू अंततः तौबा कर ही लेते हैं कि नहीं रचेंगे स्वांग भइया ‘हम तो चले हरिद्वार।’ संस्कृति मंत्रालय नयी दिल्ली, संस्कृति निदेशालय उत्तर प्रदेश व भारतीय स्टेट बैंक के सहयोग से लेखक रामकिशोर नाग के लिखे…

Read More

पांडुलिपि विरासत के जरिये सँजोई जाएगी भारतीय संस्कृति

संस्कृति मंत्रालय द्वारा पहले वैश्विक सम्मेलन की घोषणा नई दिल्ली : भारत सरकार पांडुलिपि विरासत के माध्यम से देश की संस्कृति को सँजोने का काम कर रही है| इसी पहल के तहत भारतीय ज्ञान की विरासत को पुनः प्राप्त करने के लिए अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन 11 से 13 सितंबर 2025 तक भारत मंडपम, नई दिल्ली में…

Read More

हिंद महासागर क्षेत्र में सांस्कृतिक प्रभाव भारत की विरासत  

प्राचीन व्यापारिक हवाओं से लेकर आधुनिक समुद्री सुरक्षा तक: ‘मानसून’ सम्मेलन हिंद महासागर में भारत की विस्तारित भूमिका की पड़ताल करता है नई दिल्ली : भारत की बढ़ती समुद्री साझेदारी और सुरक्षा संबंधी विभिन्न पहलों की पृष्ठभूमि में, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय कला केन्द्र (आईजीएनसीए) एसजीटी विश्वविद्यालय में एडवांस्ड स्टडी इंस्टीट्यूट ऑफ एशिया (एएसआईए) के सहयोग…

Read More