जाति और धर्म के भंवर में डूबता-उतराता मतदाता
आनन्द अग्निहोत्री चुनाव आयोग पिछले कुछ चुनावों से प्रयास कर रहा है कि चुनाव जाति और धर्म विहीन हों, लेकिन वह जितना प्रयास करता है उसकी तुलना में चुनाव जाति और धर्म ज्यादा ही पैठ बनाता जा रहा है। हर बार चुनाव आयोग आचार संहिता में इस बात का विशेष उल्लेख करता है कि मतदाताओं…

