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पंचमुखी हनुमान मंदिर मे बही काव्य धारा

लखनऊ : लक्ष्य साहित्यिक सामाजिक एवं सांस्कृतिक संस्थान द्वारा  दिनांक 18 मई  पंचमुखी हनुमान मंदिर में,  लक्ष्य साहित्यिक,सामाजिक, सांस्कृतिक संस्था  के द्वारा  काव्य संध्या का आयोजन किया गया। जेठ के  बडे मंगल के आयोजन की श्रृंखला मे पंचमुखी हनुमान मंदिर मे बीस से भी अधिक कवियो ने काव्य रसधार से  रामभक्त हनुमान का स्मरण किया|…

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डा.चारू के काव्य संग्रह ‘नहर किनारे’ का संगीतमय विमोचन

लखनऊ। विचारों और आम जीवन की घटनाओं से उपजी  खरे की  कविताओं के संग्रह ‘नहर किनारे’ का विमोचन संगीतमय प्रस्तुतियों के बीच हुआ। विमोचन आज शाम एमबी क्लब के बाल रूम में अतिथियों के तौर पर किरण कौशिक, डा.सुनीता सक्सेना और विभूति कुमार सिन्हा ने किया। इस अवसर पर अतिथि वक्ताओं ने कहा कि विज्ञान…

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ब्रिटेन में अपनी लेखनी से हिन्दी- हिंदुस्तान की लौ जला रहे मधुरेश

मधुरेश मिश्रा की पुस्तक ‘जाने-अनजाने पदचिह्न’ का भव्य लोकार्पण संपन्न लखनऊ\ हिंदी साहित्य प्रेमियों के लिए एक विशेष और यादगार समारोह का आयोजन उत्तर प्रदेश हिंदी संस्थान, लखनऊ के निराला सभागार में हुआ, जिसमें मधुरेश मिश्रा की काव्य पुस्तक ‘जाने-अनजाने पदचिह्न’ का लोकार्पण किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ.सतीश द्विवेदी(पूर्व बेसिक शिक्षा, राज्य मंत्री…

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रोटरी काव्य मंच काव्य गोष्ठी,”सुपर हीरो! हम सबके पापा जी”

इंदौर : रोटरी काव्य मंच की 159 वी आन लाइन ऑडियो काव्य गोष्ठी,”सुपर हीरो! हम सबके पापा जी” का आयोजन किया गया| कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती की स्थापना, दीप प्रज्वलन,माल्यार्पण के पश्चात सरस्वती वंदना से किया गया|  डॉ, स्वाति सिंह ने स्वागत गीत प्रस्तुत किया गया| शोभारानी तिवारी जी ने मुख्य अतिथि डॉ मनीष…

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बडी कशमकश है…

कवि : देव बडी कशमकश है बड़ी कशमकश है, ना दिल अपने बस है ना जान अपने बस है, बड़ी कशमकश है, किसी ने लगाया है दौलत का चश्मा, कहीं है लगा बस उम्मीदों का मजमा, है मशगूल दुनिया नही कोई बस है,  बड़ी कशमकश है बड़ी कशमकश है, जो लगता है सबको सही वो…

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साहित्य वीथिका ने बहाई रचनाओं की सुमधुर गंगा

साहित्यिक गतिविधियों के प्रति समर्पित संस्था” साहित्य वीथिका साहित्यिक सामाजिक संस्था” के तत्वावधान में ऑनलाइन काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया | गोष्ठी की अध्यक्षता व मंच संचालन  संस्था  की अध्यक्ष मंजूषा श्रीवास्तव मृदुल जी द्वारा  किया गया |  गोष्ठी की मुख्य अतिथि श्रीमती नमिता सचान सुंदर जी  एवं आदरणीय रश्मि लहर जी थी  जिनकी उपस्थिति ने गोष्ठी में चार चांद लगा दिए | मां शारदे की आराधना और दीप प्रज्वलन से गोष्ठी का प्रारंभ हुआ  |  अतिथियों के स्वागत के पश्चात मां शारदे की वंदना हमारे अतिथि महोदया आदरणीय नमिता सुंदर जी के मुखारविंद से हुई | इसके बाद प्रबुद्ध  कवयित्रियों की रचनाओं की सुमधुर पावनी गंगा में सभी ने स्नान किया | काव्य गोष्ठी में नीरजा नीरू, पूनम सिंह चौहान, शशि तिवारी, शिल्पी बक्शी,रुबीना हमीद, मनोरमा श्रीवास्तव,गरिमा पंत, अंजली सारश्वत,मीनाक्षी पीयूष,रश्मि लहर, नमिता सुंदर एवं मंजूषा श्रीवास्तव  आदि ने  काव्य पाठ किया |  मुख्य अतिथि नमिता सचान “सुंदर” जी एवं रश्मि लहर जी ने कार्यक्रम की बहुत सराहना की और  आशीर्वचन दिए |  कार्यक्रम पूरी तरह सफल रहा |  अध्यक्ष मंजूषा श्रीवास्तव मृदुल जी के धन्यवाद ज्ञापन के साथ गोष्ठी का समापन हुआ | 

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पुरबी बयार भोजपुरी साहित्यिक संस्था की काव्य गोष्ठी 

लखनऊ : “पुरबी बयार” भोजपुरी साहित्यिक संस्था द्वारा आयोजित प्रथम काव्य गोष्ठी में कवियों ने अपने पाठ से लोगों का मन मोह लिया| समारोह की अध्यक्षता नरेन्द्र भूषण ने की| सभी ने भोजपुरी में पाठ कर माहौल में समां बाँध दिया| मुख्य अतिथि आदरणीया मनोरमा लाल जी पुरबी बयार साहित्यिक संस्था के आपन आशीर्वाद देके सब भोजपुरिया भाषी लोगन से कहनी ह की सबलोग आपस में मिलले पर भोजपुरिए में  बोली बतियाई।हिंदी में अगर दस गीत लिखल जाता त भोजपुरी में एक रचना जरूर लिखी सभे। संस्था के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ0 सुभाष चंद रसिया जी  सभे उपस्थित भोजपुरी साहित्यकार लोगन के स्वागत आ अतिथि लोगन के माल्यार्पण कइके स्वागत कइनी ह। संस्था के सांस्कृतिक अध्यक्ष आर्यावर्ती सरोज “आर्या” अउरी कोषाध्यक्ष शीला वर्मा मीरा रहली। “बरगद पीपल नीम के,कितना मीठा छाँव। याद बहुत आवे हमे,आपन प्यारा गाँव।।” डॉ0 सुभाष चंद रसिया कार्यक्रम में अध्यक्ष श्री नरेन्द्र भूषण जी ने अपने विचार ब्यक्त करते हुए “भोजपुरी को मिठास से पूर्ण भाव रस अभिब्यक्ति का साधन बताया।इन्होंने कहा कि सभी लोग अन्य के साथ भोजपुरी में भी रचना करते रहिए।नियमित कार्यक्रम करते रहें।पुरबी बयार के उज्जवल भविष्य की कामना करते हुए नव वर्ष की भी शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम में निम्न कवियों के  काव्यपाठ किया। महेश चंद गुप्ता जी के संयोजन में आयोजित भइल काव्य समारोह में आर्यावर्ती सरोज जी,लोकेश त्रिपाठी,संध्या त्रिपाठी, श्यामल मजुमदार, प्रतिभा सिंह,डॉ0 विभा प्रकाश,प्रशांत त्रिपाठी, अलका अस्थाना,रमाशंकर सिंह,शीला वर्मा मीरा,कृष्णानन्द राय, रमेश चंद गुप्त,राजेश सिंह श्रेयस,अगम दयाल जी ने अपनी अपनी रचना के पाठ कइले। अंत  में संस्था की सांस्कृतिक सचिव आर्यावर्ती सरोज “आर्या ” ने आभार ज्ञापन किया। और साथ ही अगली गोष्ठी तक के लिए कार्यक्रम स्थगित किया गया। 

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पहले आपकी ‘मुस्कान’, लखनऊ की पहचान

मुस्कराए लखनऊ की काव्य गोष्ठी ने कवियों ने बाँधा समां लखनऊ| पहले आपकी मुस्कान, यही तहजीब है लखनऊ की पहचान… ! ‘मुस्कराए लखनऊ’ व आगमन की ओर से राष्ट्रीय पुस्तक मेला में आयोजित काव्य गोष्ठी में कवियों ने कुछ इसी तरह की कविताओं से समां बाँध दिया| गोष्ठी की अध्यक्षता करते हुए जाने- माने कवि…

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चंद्रयान 3 : चांद पर बजा दिया, इसरो ने भारत का डंका।

आर्यावर्ती सरोज “आर्या”, लखनऊ चंद्रयान पर मैं लिखूं, एक कविता अनमोल। धरती से दिखता सुन्दर, चांद धवल और गोल।। धरती मां ने भेजा है,राखी पर रक्षा बंधन। भारत मां ने लगा दिया, चंद्र भाल पर भी चंदन।। चंद्रयान3 चंद्र लोक में, कैसी शुभ घड़ी आई है। भारतवासी नाच रहे, चहुंओर बजी शहनाई है।। हे, चंद्रयान!…

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आगमन… एक ख़ूबसूरत अहसास ने दी संस्थापक पवन जैन को श्रद्धांजलि

साहित्यिक संस्था आगमन एक ख़ूबसूरत अहसास के लखनऊ चैप्टर ने संस्थापक श्रद्येय पवन जैन की स्मृति में एक काव्य गोष्ठी व‌ श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया| कार्यक्रम वरिष्ठ राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रेखा बोरा के संयोजन में आयोजित किया गया|  अध्यक्षता नमिता सुन्दर व संचालन मनोज शुक्ल ने किया। काव्य गोष्ठी का प्रथम सत्र सरस्वती प्रतिमा पर…

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