चंद्रयान 3 : चांद पर बजा दिया, इसरो ने भारत का डंका।
आर्यावर्ती सरोज “आर्या”, लखनऊ चंद्रयान पर मैं लिखूं, एक कविता अनमोल। धरती से दिखता सुन्दर, चांद धवल और गोल।। धरती मां ने भेजा है,राखी पर रक्षा बंधन। भारत मां ने लगा दिया, चंद्र भाल पर भी चंदन।। चंद्रयान3 चंद्र लोक में, कैसी शुभ घड़ी आई है। भारतवासी नाच रहे, चहुंओर बजी शहनाई है।। हे, चंद्रयान!…
