प्रगतिशील आलोचना से बढ़ी बौद्धिक परम्परा : प्रो. फात्मी
लखनऊ। उर्दू साहित्य में आधुनिकता के विरोध और उत्तर-आधुनिकता की जटिल प्रक्रिया ने आलोचना को उस मार्ग से भटका दिया जिसे हाली से लेकर एहतेशाम हुसैन तक ने बनाया था। ये विचार प्रख्यात उर्दू समालोचक प्रो.अली अहमद फात्मी ने कैफ़ी आज़मी अकादमी निशातगंज में आयोजित समारोह में व्यक्त किये। इस अवसर पर प्रो.शारिब रुदौलवी मेमोरियल…
