अबकी आना तो …
सीमा सिंह कि दो कवितायें … घाट की सीढ़ियों पे छोड़ आये थे जो अधूरा दिन चलो न उसे पूरा करते हैं ! सुनो ! अबकी आना तो इतवार की दोपहरी का इत्तमनान भी लेकर आना , ढूँढनी है मुझे इस बार चुप्पियों में छिपी संभावनाएँ , मौन के उस पार जो एक तुम…
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सीमा सिंह कि दो कवितायें … घाट की सीढ़ियों पे छोड़ आये थे जो अधूरा दिन चलो न उसे पूरा करते हैं ! सुनो ! अबकी आना तो इतवार की दोपहरी का इत्तमनान भी लेकर आना , ढूँढनी है मुझे इस बार चुप्पियों में छिपी संभावनाएँ , मौन के उस पार जो एक तुम…
मनीष शुक्ल वरिष्ठ पत्रकार कागजों में दुनियाँ की सबसे मजबूत हमारी क्रिकेट टीम एक बार फिर बड़े मैच में फेल हो गई है। स्टार खिलाड़ियों से सजी धजी टीम फाइनल मैच में तास के पत्तों की तरह बिखर गई है। यह पहली बार नहीं हुआ है जब खिताब के इतने करीब पहुँचकर टीम को हार…