कहानी : मंदी से तरक्की की राह
लेखक : मनीष शुक्ल मंदी की तलवार अचानक ऐसे चल जाएगी ये तो कभी सोचा भी नहीं था… रौनिक उपाध्याय सुबह तैयार होकर ऑफिस गया और शाम को टर्मिनेशन लेटर लेकर घर लौट आया। रौनिक घर आकर सीधे बेड रूम में जाकर पसर गया। न सुनिधि से कुछ बोला, न ही यशी को गोद में…
