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हिंदी का परचम : क्रांतिधरा मेरठ साहित्यिक महोत्सव की नेपाल, ब्रिटेन, जापान से रूस तक गूंज

तीन दिवसीय अन्तर्राष्ट्रीय मेरठ लिटरेरी फेस्टिवल के छठे संस्करण का हुआ भव्य आगाज़ , समस्त भारत सहित नेपाल, ब्रिटेन, जापान, आष्ट्रीया, रूस की साहित्यिक विभूतियों की सहभागिता रही, संचालन डा रामगोपाल भारतीय ने किया। सरस्वती वंदना सुषमा सवेरा द्वारा की गई। क्रांतिधरा साहित्य अकादमी द्वारा चौधरी चरणसिंह विश्वविद्यालय के हिन्दी विभाग के सहयोग से बृहस्पति…

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मेरठ लिटरेचर फेस्टिवल में जुटेंगे देश- विदेश के साहित्य प्रेमी

सिंधु घाटी की सभ्यता, रामायण व महाभारत के इतिहास सहेजें हुए मेरठ की ऐतिहासिक व पवित्र भूमि पर अन्तराष्ट्रीय साहित्यिक महोत्सव ‘ मेरठ लिटरेचर फेस्टिवल’ के छठे संस्करण का शुभारम्भ शुक्रवार को होगा! दिनांक 25, 26, 27 नंवबर में होने वाले तीन दिवसीय क्रांतिधरा मेरठ साहित्यिक महाकुंभ  मेरठ लिटरेचर फेस्टिवल के आयोजन में देश विदेश…

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भारत- नेपाल : रोटी- बेटीन भाषा- बोली का रिश्ता है हिमालय के प्रहरी से

डॉ विजय पंडित अध्यक्ष हिन्दी अकादमी नेपाल नेपाल भारत के उत्तर में लगभग 500 मील की लम्बाई में पूरब से पश्चिम तक फैला नेपाल जहाँ अपनी नैसर्गिक सुषमा और संपदा के लिए एशिया का स्विटजरलैंड कहा जा सकता है, वहीं अपने शौर्य एवं वीरता तथा सांस्कृतिक चेतना के लिए हिमालय की गोद में पला यह…

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निर्दलीय प्रकाशन ने पर्यटन गुरु को सम्मानित किया

भोपाल : निर्दलीय प्रकाशन के ४९ वे वार्षिकोत्सव में समाज के विभिन्न क्षेत्रों में योगदान करने वाले विभूतियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर पर्यटन के क्षेत्र में योगदान के लिए पर्यटन गुरु हॉलीडेज प्राइवेट लिमिटेड के डायरेक्टर महेश भट्ट को “संत माधवानंद सर्वधर्म सम्मान” से सम्मानित किया गया । इस अवसर पर वरिष्ठ…

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व्यंग्य : लोकतन्त्र की खूबसूरती के लिए आंदोलन में हिंसा

मनीष शुक्ल सत्ता की सही- गलत नीतियों का विरोध करना लोकतन्त्र में अधिकार भी है और कर्तव्य भी है । कहा जाता है कि विरोध लोकतन्त्र को मजबूत बनाता है और खूबसूरत भी। इसीलिए लोकतन्त्र की खूबसूरती को चार चंद लगाने के लिए विरोध करने वालों की नई प्रजाति तैयार हुई है। जिसका मकसद विरोध…

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भारत नेपाल के दिलों को थोड़ा और करीब ला रहा साहित्य

मनीष शुक्ल वरिष्ठ पत्रकार व साहित्यकार हाल ही में नेपाल की राजधानी काठमाण्डू के चन्द्र्गिरी पर्वत पर दोनों देशों के साहित्यकारों ने हिन्दी और नेपाली भाषा साहित्य को और करीब लाने के लिए ऐतिहासिक घोषणा पत्र जारी किया। इस घोषणा पत्र को तैयार करने की समिति में भारत की ओर से मुझे भी शामिल होने…

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रिपोतार्ज़ : “नेपाल-भारत महोत्सव”

प्रदीप देवीशरण भट्ट पिछ्ले वर्ष यानि 2021 के मध्य में दितीय नेपाल-भारत महोत्सव शायद सितम्बर-2021 में होना तय हुआ। इस विषय में मेरी क्रांतिधरा मेरठ के सर्वेसर्वा विजय पण्डित जी से काफी लम्बी चर्चा हुई। मैंने भी अपनी पुस्तक दरिया सूखकर सहरा हुआ है की एक प्रति मय प्रोफाइल के उन्हें भिजवा दी। किंतु कोरोना…

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कविता : मां मेरी यह कहती है….

डॉ शिल्पी बक्शी शुक्ला मां मेरी यह कहती है, जिन पेड़ों पर फल लगता है, उनकी शाखें झुक जातीं हैं, करने प्रणाम अस्‍ताचल सूर्य को, बहती नदियां रूक जातीं हैं, गिरती हैं लहू की बूंदे तो, बंजर धरती भी सोना हो जाती है, सहती है बोझ ये धरती, तभी ये सृष्टि चल पाती है, मिलते…

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सांझा साहित्य- संस्कृति के संकल्प के साथ नेपाल- भारत महोत्सव का समापन

द्वितीय संस्करण को बैसाख की 16, 17, 18 तिथियों में आयोजित किया गया। काठमाण्डू : नेपाल भारत के साहित्यिक और सांस्कृतिक सम्बन्धों के नए आयाम को परिभाषित करते हुए तीन दिवसीय महोत्सव का समापन काठमांडू में सम्पन्न हुआ। नेपाली तिथियों के अनुसार साहित्य महोत्सव के द्वितीय संस्करण को बैसाख की 16, 17, 18 तिथियों में…

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नेपाल-भारत साहित्य महोत्सव को यादगार बनाने पहुंचे जाने-माने साहित्यकार

तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय नेपाल भारत साहित्य महोत्सव का उद्देश्य दोनों देशों के मध्य आपसी समरसता बढाना नेपाल-काठमांडु:काठमांडू नेपाल में शुक्रवार से शुरू होने वाले तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय नेपाल भारत साहित्य महोत्सव के आयोजक डा विजय पंडित ने बताया कि द्वितीय नेपाल भारत साहित्य महोत्सव,काठमांडू , नेपाल के पशुपति भवन में आयोजित किया जा रहा है।…

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